चेन्नई , अक्टूबर 31 -- बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र तेजी से गहराकर अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान 'मुरासू' में तब्दील हो जाएगा। भारत द्वारा नामांकित यह चक्रवात दो नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से चेन्नई सहित तमिलनाडु के उत्तरी और तटीय जिलों में कल रात से भारी बारिश और पूर्वोत्तर मानसून की फिर से वापसी होगी। मौसम विभाग और निजी मौसम विशेषज्ञों ने चेन्नई, तिरुवल्लूर और आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अद्यतन विवरण के अनुसार, इस प्रणाली के प्रभाव से पश्चिमी घाट, आंतरिक और उत्तरी तटीय जिलों में कल शाम या रात से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा, जो तीन नवंबर तक जारी रहने की आशंका है। इससे तमिलनाडु में 15 अक्टूबर से शुरू हुए उस पूर्वोत्तर मानसून की वापसी होगी, जिसने 12 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी।

संभवतः यह पहला मौका है, जब बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक चार मौसम प्रणालियां बनी हैं। इनमें से एक गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के रूप में बदला था, जिसका तमिलनाडु पर कोई खास असर नहीं पड़ा और वह आंध्र प्रदेश तट को पार कर गया। खाड़ी में एक के बाद एक लगातार दूसरे चक्रवाती तूफान का बनना तमिलनाडु के लिए पहली ऐसी घटना होगी।

मौसम कार्यालय ने बताया कि आज सुबह साढ़े आठ बजे सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर पर केंद्रित था। इसके अगले छह घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए इसी क्षेत्र में कम दबाव क्षेत्र में बदलने का प्रबल अनुमान है।

इसके बाद, अगले 24 घंटों के दौरान इसके चक्रवाती तूफान 'मुरासू' (भारत द्वारा दिया गया नाम) के रूप में और तीव्र होने तथा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दो नवंबर की शाम के आसपास आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, कल तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली, करूर, नमक्कल, सेलम, इरोड और मदुरई, उत्तरी तटीय और पश्चिमी घाट के जिलों तथा पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में गरज और चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

दो नवंबर को नीलगिरी और तिरुवल्लूर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने के आसार हैं, जबकि उत्तरी जिलों कड्डालोर, विल्लुपुरम और पुडुचेरी में दूर-दराज इलाकों में तेज बारिश होगी। अगले दिन चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों सहित उत्तरी तमिलनाडु और पश्चिमी घाट के जिलों में मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा है कि चार-पांच नवंबर को तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी।

इस बीच, एक सोशल मीडिया पोस्ट में जाने-माने निजी मौसम ब्लॉगर हेमाचंदर ने कहा, "पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए यह कम दबाव क्षेत्र कल रात या मध्यरात्रि तक उत्तरी तटीय आंध्र और दक्षिणी आंध्र के तटीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।"उन्होंने बताया कि शुष्क हवा के प्रवेश और पवन की दिशा व वेग में बदलाव के कारण इसके बहुत तेजी से भीषण रूप लेने की आशंका नहीं है। तट के करीब पहुंचते ही हालांकि पश्चिमी विक्षोभ और प्रशांत महासागरीय उच्च दबाव के चलते इसकी गति बेहद धीमी हो सकती है और तट के पास इसमें थोड़ा और उभार आ सकता है।

इस कम दबाव क्षेत्र के कारण कल रात से चेन्नई और तिरुवल्लूर जिलों में बारिश शुरू हो जाएगी। दो नवंबर को चेन्नई, तिरुवल्लूर, चंगलपट्टू, कांचीपुरम और रानीपेट के उत्तरी व आंतरिक जिलों में व्यापक बारिश और चेन्नई तथा तिरुवल्लूर में तेज बारिश होने के आसार हैं।

निम्न दबाव की इस प्रणाली का कावेरी डेल्टा, दक्षिणी जिलों, पश्चिमी और कोंगू क्षेत्रों पर कोई खास प्रभाव या लाभ देखने को नहीं मिलेगा।

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