चेन्नई , फरवरी 16 -- फरवरी महीने में बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 साल बाद कम दबाव क्षेत्र बना है। जिससे 21-22 फरवरी को कावेरी डेल्टा और दक्षिणी जिलों में फिर से तेज बारिश शुरू होने का अनुमान जताया जा रहा है।
इससे पहले फरवरी 2002 में ऐसी स्थिति बनी थी।
मौसम विभाग ने सोमवार को 21-22 फरवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के कारण सोमवार सुबह 08:30 बजे उसी क्षेत्र में कम दबाव क्षेत्र बन गया है। इससे संबंधित ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ था। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 18 फरवरी के आसपास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में मौसम शुष्क रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। तमिलनाडु के छिटपुट स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा और शेष तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में सामान्य के करीब रहा।
अगले सात दिनों के लिए पूर्वानुमान है कि 18 फरवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में मौसम शुष्क रहने तथा 19 फरवरी को दक्षिण तटीय तमिलनाडु, डेल्टा जिलों और कराईकल क्षेत्र में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि शेष तमिलनाडु और पुडुचेरी में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। इसके बाद 22 फरवरी तक अगले तीन दिनों के लिए तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
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