मिदनापुर , सितंबर 11 -- श्चिम बंगाल में मिदनापुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय को साल्बोनी में फर्जी दस्तावेजों के जरिये सरकारी जमीन के अवैध परिवर्तन और बिक्री के मामले में शुक्रवार को आठ दिनों की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) हिरासत में भेज दिया।
इससे पहले कोलकाता के राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में चिकित्सा जांच के बाद रॉय को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतनु मोंडोल के समक्ष पेश किया गया।
एक सरकारी वकील ने बताया कि रॉय की हिरासत की मांग करते हुए सीआईडी ने सरकारी जमीन के सौदों के संबंध में पूछताछ के लिए आठ दिनों की रिमांड का अनुरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने जांच एजेंसी को आठ दिनों की हिरासत दे दी।
रॉय की पेशी से पहले अदालत परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
रॉय को गिरफ्तारी से आगे संरक्षण देने से उच्चतम न्यायालय के इनकार और उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद गुरुवार को सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले उन्हें अंतरिम राहत दी थी और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।
राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि रॉय ने जांच में पर्याप्त सहयोग नहीं किया था। रॉय को दक्षिण कोलकाता के 121 कालीघाट रोड स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय-सह-आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया था, जो अभिषेक बनर्जी का परिसर है।
यह मामला पश्चिम मेदिनीपुर के साल्बोनी में जाली दस्तावेजों का उपयोग कर सरकारी जमीन के अवैध परिवर्तन और बिक्री के आरोपों पर केंद्रित है।
सीआईडी कथित ज़मीन के सौदों और इस मामले में कई व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। इस सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुजय हाजरा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
रॉय के अब सीआईडी की हिरासत में होने के कारण, जांचकर्ताओं के उनसे जमीन के सौदों, कथित जाली दस्तावेजों और मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के बारे में पूछताछ किये जाने की उम्मीद है।
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