कोलकाता , मार्च 10 -- पश्चिम बंगाल के अपने दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा।
चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ रविवार से राज्य के दौरे पर है। इस दौरान उनके खिलाफ प्रदर्शनों का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है।
श्री कुमार ने इन विरोध प्रदर्शनों पर पत्रकारों के कुरेदने के बावजूद चुप्पी साधे रखी।
श्री कुमार को रविवार को दक्षिणेश्वर मंदिर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाये और 'गो बैक' के नारे लगाये। श्री कुमार सुबह करीब 7:15 बजे रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ के दर्शन के लिए पहुंचे। वह वहां परिसर में करीब 45 मिनट रहे।
यात्रा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने पूजा की और मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी गौतमानंद जी महाराज सहित कई साधुओं से बात की। दक्षिणेश्वर के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने मठ के भीतर विभिन्न मंदिरों के दर्शन भी किये।
बेलूर मठ के बाहर पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में श्री कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल श्री रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद की पावन भूमि है। चुनाव आयोग यहां हिंसा मुक्त विधानसभा चुनाव कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है, ताकि लोग स्वतंत्र रूप से लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर सकें।"बेलूर मठ के बाद श्री कुमार पूजा-अर्चना के लिए ही दक्षिणेश्वर काली मंदिर भी पहुंचे।
मंदिर परिसर के बाहर यहां प्रदर्शनकारियों का एक समूह पहुंच गया और उसने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन लोगों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें काले झंडे दिखाये। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से कई मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटा दिये गये हैं।
उनका दावा है कि इस संशोधन के कारण असली मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गये हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है।
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और मामले को आगे बढ़ने से रोका। मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्रकारों के कुरेदने के बावजूद इन प्रदर्शनों से जुड़े सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
श्री कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए रविवार को पश्चिम बंगाल पहुंची थी।
राज्य में आगमन के बाद से ही मुख्य चुनाव आयुक्त को कई जगहों पर विरोध का सामना करना पड़ा है। रविवार को जब श्री कुमार कोलकाता पहुंचे तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाये और 'गो बैक' के नारे लगाये।
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