कोलकाता , जून 21 -- कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में रविवार सुबह तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। इससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया, पेड़ उखड़ गये और कुछ इलाकों में सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई।

लगभग एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से पाटुली, जादवपुर, कस्बा, सियालदह और कांकुरगाछी सहित कई इलाके जलमग्न हो गये। निचले इलाकों में पानी घुसने से निवासियों को काफी परेशानी हुई, हालांकि बाद में जल निकासी के काम से कुछ जगहों पर पानी का स्तर कम हुआ है।

मध्य कोलकाता के चांदनी चौक रोड पर एक पेड़ गिरने से कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। गिरा हुआ पेड़ ऊपर से जा रही बिजली की तारों पर अटक गया था, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी थी और सेंट्रल एवेन्यू पर अस्थायी तौर पर यातायात रोकना पड़ा था।

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और सीईएससी के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद पेड़ हटाया। रविवार को आमतौर पर ट्रैफिक कम होने के कारण इस व्यवधान के बावजूद बड़ा जाम नहीं लगा, लेकिन जलभराव वाले कई इलाकों के लोगों को आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बारिश का पानी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर में भी घुस गया, जिसने मानसून की शुरुआत में ही शहर की जल निकासी और बुनियादी ढांचे की व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है।

मौसम विभाग (आईएमडी) ने पहले ही कोलकाता और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया था। सुबह से ही शहर में काले बादल छाये रहे और सुबह करीब 11 बजे बारिश तेज हो गयी।

खराब मौसम ने दोपहर दो बजे से होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। रिपोर्टों के अनुसार, जलभराव और बारिश के कारण पैदा हुए व्यवधानों की वजह से कई परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दफ्तरों, विद्यालयों और महाविद्यालयों की नियमित आवाजाही न होने से पूरे शहर में बड़ा जाम लगने से बच गया।

मौसम कार्यालय ने पूर्व वर्धमान, पश्चिम वर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में तेज हवाओं के साथ छिटपुट आंधी-तूफान और बारिश की रिपोर्ट दी है। इन इलाकों में हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रही, जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

कोलकाता में बारिश के दौरान हवा की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गयी। कोलकाता, उत्तर 24-परगना, दक्षिण 24-परगना और हावड़ा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां अगले कुछ समय में और आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान है। मौसम और खराब होने की आशंका के चलते हुगली और पश्चिम मेदिनीपुर जिले ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं।

क्षेत्रीय मौसम विभाग (आरएमडी) ने नागरिकों को आंधी-तूफान के दौरान बाहर न निकलने और बिजली कड़कने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिम बंगाल में पहले ही दस्तक दे चुका है, जिससे राज्य भर में नियमित बारिश की संभावना बढ़ गयी है।

इस सप्ताह की शुरुआत में हुई बारिश से कोलकाता और आसपास के जिलों में उमस भरे मौसम से अस्थायी राहत मिली थी और तापमान में गिरावट आयी थी। शनिवार को दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में मौसम साफ हो गया था, हालांकि रविवार को आये नये बादलों और हवा के चक्र ने फिर से बारिश करा दी।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव क्षेत्र के कारण वायुमंडल में नमी का स्तर बढ़ रहा है। इसी वजह से मौसम अस्थिर बना हुआ है और लगातार उमस महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल के कई जिलों के लिए रेड और येलो अलर्ट भी जारी किया है और चेतावनी दी है कि राज्य भर में मानसून सक्रिय होने के साथ आने वाले दिनों में भारी बारिश और आंधी-तूफान आ सकता है।

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