कोलकाता , जून 17 -- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान के तहत पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बुधवार को बागबाजार मायेर घाट पर एक स्वच्छता अभियान में शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेड रोड पर होने वाले योग कार्यक्रम में शामिल होने के मद्देनजर कोलकाता नगर निगम द्वारा शुरू किये गये छह दिवसीय नागरिक स्वच्छता अभियान 'स्वच्छता से स्वागत' पहल के तहत मुख्यमंत्री ने उत्तरी कोलकाता में इस घाट का दौरा किया और खुद झाड़ू उठाकर घाट के कई हिस्सों की सफाई की।
श्री अधिकारी ने घाट परिसर का निरीक्षण करने के साथ-साथ नदी तट पर पौधे भी लगाये। सफाई कार्यक्रम के बाद उन्होंने पास के एक मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। बुधवार का यह कार्यक्रम इस अभियान के दूसरे दिन का हिस्सा था, जो 'श्रमदान' यानी स्वैच्छिक श्रम के लिए समर्पित था।कार्यक्रम के दौरान मंत्री अग्निमित्रा पॉल, तापस रॉय और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत पूरे शहर और राज्य में लगभग 20,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक संगठनों और 'आर्ट ऑफ लिविंग' एवं 'भारत सेवाश्रम संघ' जैसे स्वैच्छिक संगठनों को 'कॉन्फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रेडर्स एसोसिएशंस' के सहयोग से एक साथ लाया गया है।
नगर निगम का यह सप्ताह भर चलने वाला अभियान धार्मिक स्थलों, पार्कों, बाजारों, परिवहन केंद्रों, नदी तटों और सार्वजनिक स्थानों को शामिल करते हुए कोलकाता में स्वच्छता के स्तर को सुधारने का प्रयास करता है। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल जमा कचरे को हटाना है, बल्कि स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी के प्रति दीर्घकालिक जन जागरूकता को बढ़ावा देना भी है।
श्री अधिकारी ने सोमवार को एस एन बनर्जी रोड स्थित केएमसी मुख्यालय से इस छह दिवसीय 'स्वच्छता से स्वागत' अभियान की शुरुआत की थी। तब से, नगर निगम ने शहर भर में कई स्वच्छता पहल की हैं, जिसकी शुरुआत कालीघाट मंदिर, पारसनाथ मंदिर, इस्कॉन मंदिर, गुरुद्वारा भवानीपुर और नाखोदा मस्जिद सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों और पार्कों में गहन सफाई अभियानों से हुई।
मुख्यमंत्री के गुरुवार को भवानीपुर के वार्ड 72 में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करने का कार्यक्रम है, जो कि उनका विधानसभा क्षेत्र है। इसके तहत उनके सुबह 7:45 बजे इस केंद्र पर पहुंचने की उम्मीद है। अभियान का तीसरा दिन बाजारों और परिवहन केंद्रों में स्वच्छता कार्यों पर केंद्रित होगा, जिसमें सियालदह रेलवे स्टेशन, एस्प्लेनेड बस स्टैंड, लैंसडाउन मार्केट, लेक मार्केट और गरियाहाट मार्केट सहित 60 महत्वपूर्ण स्थानों पर सफाई कार्यक्रम की योजना है।
अभियान के चौथे दिन, 19 जून को घाटों और जल निकायों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। हुगली नदी से तैरता हुआ कचरा हटाया जाएगा और प्रिंसिप घाट, ग्वालियर घाट और बाबू घाट सहित 14 नदी तट स्थानों पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
कोलकाता भर में कचरा जमा होने वाले 195 पुराने स्थानों को लक्षित करते हुए 20 जून को शहर भर में एक विशेष सफाई अभियान निर्धारित है। इसके लिए चिह्नित क्षेत्रों में सीआईटी पोद्दार कोर्ट, गुरुसदय रोड, एपीसी रोड, मल्लिक बाजार और रूबी क्रॉसिंग शामिल हैं।
इस अभियान के सबसे बड़े हिस्सों में से एक आदि गंगा के 6.5 किलोमीटर लंबे हिस्से का कायाकल्प करना है, जो शहीद खुदीराम मेट्रो स्टेशन से हुगली नदी के संगम तक फैला हुआ है। इस परियोजना में केएमसी के योजना और विकास विभाग की देखरेख में 14 प्रमुख घाटों पर सफाई, गाद निकालने और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि हुगली नदी में प्रदूषण और कचरे के निपटान को लेकर लंबे समय से बनी चिंताओं को देखते हुए नदी तट पर ध्यान देना विशेष रूप से महत्वपूर्ण था।
अधिकारियों ने स्वीकार किया कि 'सीवेज डिस्चार्ज' जैसी बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए बड़े बुनियादी ढांचे के समाधान की आवश्यकता है, लेकिन उनका कहना है कि वर्तमान पहल का उद्देश्य सार्वजनिक घाटों की स्थिति में सुधार करना और नदी तट के स्थानों के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है।
केएमसी ने इस अभियान के दौरान बड़े परिचालन लक्ष्य भी तय किये हैं। इनमें 5,796 टन ठोस कचरा इकट्ठा करना, 50 प्रमुख मार्गों की 340 किलोमीटर सड़कों की सफाई, मैनहोल से 90,000 किलोग्राम गाद निकालना, गली के गड्ढों से 3,32,500 किलोग्राम कचरा साफ करना और 500 मीटर नहरों की गहन सफाई शामिल है। इस कवायद के तहत फुटपाथ, पुल और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचों को भी शामिल किया जा रहा है।
शुक्रवार को श्री अधिकारी सुबह 6:30 बजे फिर से केएमसी मुख्यालय जाएंगे और स्वच्छता एवं नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक मैराथन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस मैराथन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह से पहले अभियान के अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।
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