कोलकाता , जून 21 -- पश्चिम बंगाल में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरी तरह अलग भूमिका में दिखे। उन्होंने पूरी सहजता और शालीनता के साथ योग के आसन किये, नये अभ्यासियों की मुद्राओं को ठीक किया और स्वस्थ जीवन के सूत्र दिये। एक तरह से श्री मोदी ने इस अवसर पर एक सजग योग ट्रेनर की भूमिका का सफल निर्वहन किया।
प्रधानमंत्री सुबह साढ़े छह बजे इंदिरा गांधी सरणी (पुराना नाम रेड रोड, जो सैन्य परेड और उत्सवों के लिए प्रसिद्ध है) पहुंचे और अपने 75 मिनट के प्रवास के दौरान पूरी तरह शांत और खुशमिजाज नजर आये।
सफेद रंग की आधी आस्तीन वाली कमीज, सफेद पतलून, काला चश्मा और फूलों के चित्रों से सजा भगवा रंग का पटका पहने श्री मोदी रविवार की इस शीतल सुबह में भव्य उत्सव के हर पल का आनंद लेते दिखे।
शरीर और मन के बीच संतुलन बनाने वाले इस प्राचीन भारतीय अभ्यास को करने के लिए समाज के हर वर्ग से 35,000 से अधिक लोग कार्यक्रम स्थल पर एकत्र हुए थे।
ढाक की थाप, छऊ नृत्य और बंगाल की पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ श्री मोदी का स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने सामान्य योग नियमों के अनुसार कुछ आसन किए, जिनमें से कुछ खड़े होकर और कुछ बैठकर किए जाने वाले आसन थे। साल भर कड़े व्यायाम के लिए जाने जाने वाले प्रधानमंत्री ने पूरे नियंत्रण और लय के साथ योग का प्रदर्शन किया, जिससे उनकी फिटनेस साफ झलक रही थी।
बाद में, प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर घूम-घूमकर दूसरों को योग करते हुए देखा। वह अचानक कुछ प्रतिभागियों के पास गए और उनके आसन करने के तरीके को सुधारा।
इस वर्ष के उत्सव के मुख्य विषय "योग और स्वस्थ वृद्धावस्था" पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि योग न केवल बुजुर्गों के लिए बल्कि सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए बेहद जरूरी है।
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