मुंबई , अक्टूबर 14 -- महाराष्ट्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने बुधवार को विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे अवैध बंगलादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या लोगों के नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल कराने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर रहे हैं।
श्री बन ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाये जाने के दावे भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े में 6.30 करोड़ ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गये हैं, 2.8 करोड़ मृत मतदाता और दोहरे पंजीकरण के 1.2 करोड़ मामले शामिल हैं। दोहरे पंजीकरण के मामलों में लोगों के नाम उनके पैतृक गांवों और शहरों, दोनों जगह मतदाता सूची में दर्ज थे। शेष 3.1 करोड़ ऐसे मतदाता हैं, जिनका पता नहीं लगाया जा सका। इनमें पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 जमा कर दोबारा पंजीकरण कराने का अधिकार है।
श्री बन ने दावा किया कि जिन बंगलादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या लोगों के नाम 2002 की मतदाता सूची में शामिल नहीं थे, वे दोबारा पंजीकरण कराने के पात्र नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया इसी उद्देश्य से शुरू की गयी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल कराने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग को निशाना बना रहे हैं।
दिल्ली में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए श्री बन ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारियों को जुटाने के संबंध में विपक्ष के दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कथित दबाव डाले जाने के बावजूद दिल्ली में विरोध प्रदर्शन में लगभग 8,000 से 8,500 लोग शामिल हुए थे।
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