नयी दिल्ली , अक्टूबर 19 -- भारत के प्रमुख बैडमिंटन खिलाड़ी, जिनमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी.वी. सिंधु और पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन शामिल हैं, मंगलवार से पेरिस में शुरू होने वाले फ्रेंच ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट में अपनी फॉर्म वापस पाने का प्रयास करेंगे।

9,50,000 अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के पास हाल के मिले-जुले नतीजों के बाद वापसी करने का मौका है। सिंधु को पहले दौर में दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर वन खिलाड़ी एन से यंग के खिलाफ एक कठिन चुनौती का सामना करना है, जबकि छठी वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन पुरुष एकल के पहले दौर में जापान के कोडाई नारोका से भिड़ेंगे।

सिंधु डेनमार्क ओपन के अपने निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़ना चाहेंगी। पिछले हफ्ते डेनमार्क ओपन में भी उनका मुकाबला एन से यंग से ही होना था, लेकिन कुछ खिलाड़ियों के नाम वापस लेने के कारण आयोजकों को ड्रॉ में बदलाव करना पड़ा, जिससे सिंधु का पहला मुकाबला जर्मनी की यवोन ली से हो गया। उस मुकाबले में सिंधु को कम रैंकिंग वाली जर्मन खिलाड़ी से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा था। अब पेरिस में उन्हें कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

दूसरी ओर, लक्ष्य सेन उस फॉर्म को फिर से हासिल करना चाहेंगे, जिसकी मदद से उन्होंने एशियाई खेलों में पुरुष टीम इवेंट में भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अल्मोड़ा के रहने वाले लक्ष्य ने उस टूर्नामेंट के दौरान पीठ की समस्या के बावजूद नारोका को हराया था, लेकिन उसके बाद से उनके प्रदर्शन में गिरावट आई है। यह रीमैच उन्हें अपने अभियान को फिर से पटरी पर लाने का एक अच्छा मौका देता है।

पुरुष एकल में, पूर्व विश्व नंबर वन किदांबी श्रीकांत का सामना पहले दौर में अपने ही देश के आयुष शेट्टी से होगा।

श्रीकांत ने डेनमार्क ओपन में अच्छे संकेत दिए थे। उन्होंने अपने बेहतरीन नेट प्ले से मौजूदा विश्व चैंपियन एलेक्स लैनियर को कड़ी टक्कर दी थी, हालांकि अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वे अपनी उसी फॉर्म को पेरिस में भी जारी रखना चाहेंगे, जबकि आयुष शेट्टी एक अनुभवी खिलाड़ी के खिलाफ मिले इस मौके का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

पुरुष युगल में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदें सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर टिकी हैं। इस जोड़ी के लिए यह सीजन काफी अच्छा रहा है, जिसमें उन्होंने सिंगापुर और चाइना ओपन के खिताब जीते हैं, लेकिन एशियाई खेलों से जल्दी बाहर हो जाना उनके लिए एक बड़ा झटका था। वे फ्रेंच ओपन में अपने अभियान की शुरुआत स्थानीय पसंदीदा खिलाड़ियों - भाई क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव - के खिलाफ करेंगे।

महिला युगल में, त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद इस साल विश्व चैंपियनशिप में जीते अपने पहले ब्रॉन्ज मेडल के प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी। वे अपने पहले मुकाबले में ताइवान की लिन चिह-चुन और यांग चू युन का सामना करेंगी।

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