लखनऊ , मई 7 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही और उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने "फ्रूट होराइजन 2026' कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर 'भारतीय फल मूल्य श्रृंखला का वैश्वीकरण' थीम पर आधारित फ्रूट एक्सपो प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया।

कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बागवानी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उत्तर प्रदेश औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया गया है और शहरी क्षेत्रों में रूफटॉप गार्डनिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के घरेलू निर्यातकों को बेहतर सुविधाएं और संस्थागत सहयोग मिलना चाहिए, ताकि प्रदेश के फल उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें। उन्होंने प्रूनिंग मशीन पर 50 प्रतिशत सब्सिडी तथा फलों की सुरक्षित पैकेजिंग के लिए पेपर बैग पर भी सब्सिडी देने की मांग उठाई। साथ ही अधिकारियों से अधिक समर्पण के साथ कार्य करते हुए प्रदेश के कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि योगी सरकार किसानों की अधिशेष उपज को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी फल निर्यातक राज्यों में शामिल होगा। प्रदेश सरकार कृषि विविधीकरण और फल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित