पेरिस , मई 19 -- फ्रांस और सुरक्षा एवं सहयोग संगठन (ओएससीई) के 40 सदस्य देशों ने यूक्रेनी बच्चों के कथित अपहरण और उन्हें जबरन अपने देश भेजने के मामले में रूस के खिलाफ जांच की कार्रवाई शुरू की ।
बीते 13 मई को शुरू की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य यूक्रेनी बच्चों को डराने-धमकाने, उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लेने, गैर-कानूनी ढंग से गोद लेने सहित अन्य प्रकार की हिंसा के आरोपों से जुड़े तथ्य एवं जानकारियां जुटाना है। फ्रांस और उसके यूरोपीय सहयोगी देशों का आरोप है कि रूस इन बच्चों को रूसी परिवारों को सौंप रहा है, जिससे उनका 'ब्रेनवॉश' और सैन्यीकरण किया जा रहा है।
फ्रांस ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि मानवाधिकारों की जांच के लिए बने विशेष तंत्र मॉस्को मैकेनिज्म के जरिए विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र टीम को सबूत इकट्ठा करने, तथ्यों का दस्तावेजीकरण करने और इन कथित अत्याचारों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में मदद मिलेगी।
फ्रांस ने रूस पर यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय कानून, ओएससीई के बुनियादी सिद्धांतों और मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। यह युद्ध अब चार साल से अधिक समय से जारी है।
बयान में ओएससीई के लोकतांत्रिक संस्था एवं मानवाधिकार कार्यालय, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय और यूक्रेन पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग के पिछले निष्कर्षों का हवाला दिया गया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकारों के व्यापक उल्लंघन की पुष्टि की थी।
जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए फ्रांस ने जोर दिया कि ओएससीई के सभी सदस्य देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करना अनिवार्य है, विशेषकर सशस्त्र संघर्ष के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
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