भोपाल , सितंबर 16 -- मध्यप्रदेश के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि विद्वान फॉलन आउट प्रक्रिया रोकने और सेवा सुरक्षा की नीति लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के भोपाल स्थित श्यामला हिल्स निवास के बाहर धरने पर बैठ गए। रिपोर्टों के अनुसार, अतिथि विद्वान रातभर मंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे रहे।
अतिथि विद्वानों की प्रमुख मांगों में फॉलन आउट प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि विद्वानों के भविष्य की सुरक्षा और स्थायित्व के लिए स्पष्ट नीति बनाना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नियमित प्राध्यापक की नियुक्ति या स्थानांतरण होने पर संबंधित पद पर कार्यरत अतिथि विद्वान को सेवा से बाहर कर दिया जाता है।
अतिथि विद्वानों का कहना है कि वे प्रदेश के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में लंबे समय से अध्यापन सहित अकादमिक गतिविधियों में योगदान दे रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों तक सेवाएं देने के बाद भी फॉलन आउट व्यवस्था के कारण उनके सामने रोजगार और भविष्य की अनिश्चितता बनी रहती है।
अतिथि विद्वानों द्वारा हरियाणा में लागू सेवा सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने एक सितंबर को विश्वविद्यालयों में कार्यरत पात्र अतिथि प्राध्यापकों को सेवा सुरक्षा देने के लिए नया सेवा सुरक्षा अधिनियम-2026 लाने की घोषणा की थी। राज्य सरकार के अनुसार इसके लिए गठित समिति ने सेवा सुरक्षा देने की सिफारिश की है।
प्रदर्शनकारी अतिथि विद्वानों की मांग है कि मध्यप्रदेश सरकार भी उनकी सेवा सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाए और नीति बनने तक फॉलन आउट प्रक्रिया पर रोक लगाए। उनका कहना है कि इससे वर्षों से उच्च शिक्षा में योगदान दे रहे अतिथि विद्वानों को बार-बार सेवा समाप्त होने की अनिश्चितता से राहत मिल सकेगी।
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