लखनऊ , अप्रैल 11 -- उत्तर प्रदेश की राजधानी के गोमती होटल में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में देश भर से पहुंचे पीड़ित व्यापारियों ने कथित तौर पर फैशन टीवी के नाम पर चल रहे 500 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले का खुलासा किया।

पीड़ितों का दावा है कि इस फर्जी निवेश योजना में 200 से ज्यादा कारोबारी ठगी का शिकार हुए हैं, जिनमें से कई कर्ज में डूब कर आर्थिक रूप से तबाह हो चुके हैं।

प्रेस कांफ्रेंस में लखनऊ के मनोज अग्रवाल, दिल्ली के विकास बंसल और मुंबई के राजेश तलवानी सहित कई व्यापारियों ने अपनी आपबीती साझा की। उनका आरोप है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा आर्थिक अपराध है, जिसमें लोगों को एक साल में 80% तक मुनाफे का लालच देकर फंसाया गया।

पीड़ितों के मुताबिक, कंपनी के प्रतिनिधि सोशल मीडिया के जरिए बड़े पैमाने पर प्रचार करते थे और निवेश पर भारी रिटर्न का भरोसा दिलाते थे। शुरुआत में भरोसा जीतने के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये वसूले जाते थे। दिल्ली से आए विकास बंसल ने कहा कि इस घोटाले ने सैकड़ों परिवारों को बर्बाद कर दिया। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगा दी, जबकि कुछ ने कर्ज लेकर निवेश किया। अब वे आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं।

मुंबई के कारोबारी राजेश तलवानी ने भावुक होते हुए बताया कि उन्होंने करीब 12 साल पहले 3 करोड़ रुपये निवेश किए थे, जो आज के हिसाब से लगभग 30 करोड़ रुपये के बराबर होते हैं। लेकिन उन्हें अब तक एक पैसा भी वापस नहीं मिला। जरूरत पड़ने पर पैसे मांगने पर उन्हें ब्लॉक कर दिया गया।

पीड़ितों ने मुख्य आरोपी काशिफ खान पर न सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी, बल्कि ड्रग्स और सेक्स रैकेट जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग और पुलिस के कुछ तत्व मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोपी का पासपोर्ट जब्त करने और उच्च स्तरीय जांच की भी मांग उठाई।

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