जालौन , मई 30 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों के वेतन आहरित न किए जाने के निर्देश दिए हैं।

शनिवार को आयोजित सीएम डैशबोर्ड, विकास कार्यों एवं राजस्व कार्यों की वर्चुअल समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।

फैमिली आईडी योजना की समीक्षा के दौरान कई विभागों की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला श्रम अधिकारी जगदीश वर्मा, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

समीक्षा में पाया गया कि कृषि विभाग में लगभग 20 हजार, ग्राम्य विकास विभाग में 10 हजार तथा समाज कल्याण विभाग में 16 हजार से अधिक फैमिली आईडी प्रकरण लंबित हैं। अन्य विभागों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण शेष पाया गया।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी नेडा को कड़ी फटकार लगाते हुए 15 दिनों के भीतर उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दिव्यांगजन पेंशन योजना की समीक्षा में 19,070 आवेदनों के सापेक्ष मात्र 162 मामलों के स्वीकृत होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी का मई माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। बैठक में कन्या सुमंगला योजना, जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से लक्ष्य पूरे करने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि अपेक्षित प्रगति न होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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