अमृतसर , जून 20 -- पंजाब की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने अमृतसर में फुटपाथों पर चल रहे शराब के ठेकों को बंद कराने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप करने की अपील की है।

सुश्री चावला ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में पैदल चलने वालों के अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित, सुगम और स्पष्ट रूप से चिन्हित फुटपाथ उपलब्ध कराना नागरिकों का मूल अधिकार बताया है। उन्होंने न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ के इस निर्णय का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह फैसला उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो पैदल चलकर अपने दैनिक कार्य करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर में कई स्थानों पर फुटपाथों पर ही शराब के ठेके संचालित किए जा रहे हैं, जिससे पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि शहर में एक पुलिस थाने के बाहर भी फुटपाथ पर शराब का ठेका चल रहा है और ऐसे कई अन्य मामले भी हो सकते हैं। उनके अनुसार नगर निगम इन स्थानों से किराया वसूल करता है, लेकिन पैदल चलने वालों, विशेषकर महिलाओं को होने वाली असुविधा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं की अनदेखी की जा रही है।

सुश्री चावला ने कहा कि जिस संस्था की जिम्मेदारी फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित रखना है, यदि वही संस्था फुटपाथों पर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दे, तो आम नागरिकों के अधिकार प्रभावित होते हैं। उन्होंने शीर्ष न्यायालय से आग्रह किया कि वह इस मामले का संज्ञान लेकर विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करे और उन सभी अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दे, जहां फुटपाथों पर शराब के ठेके या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फुटपाथों का प्राथमिक उद्देश्य पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है तथा इस अधिकार की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

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