जिनेवा , जुलाई 30 -- अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) ने इस महीने की शुरुआत में न्यू जर्सी में हुए विश्व कप फाइनल के बाद स्पेन के खिलाड़ियों के साथ हुई झड़पों को लेकर अर्जेंटीना के लिएंड्रो पारेडेस और नाहूएल मोलिना के साथ-साथ सहायक कोच रॉबर्टो अयाला के खिलाफ मारपीट के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गये मुकाबले के बाद के जश्न को खराब करने वाले दृश्यों की एक सप्ताह तक चली जांच के बाद , फीफा ने टूर्नामेंट में "कई मैचों" के दौरान नियमों के कथित उल्लंघन के लिए अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एएफए) के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

अर्जेंटीना के थियागो अल्माडा और स्पेन के मिडफील्डर गावी के खिलाफ भी कथित तौर पर खेल भावना के विपरीत आचरण के लिए कार्यवाही शुरू की गई है। पारेडेस, मोलिना और अयाला के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही सबसे गंभीर है और इसका संबंध गावी, रोड्रि और डैनी ओल्मो के साथ मैदान पर हुई झड़पों से है। अगर ये खिलाड़ी दोषी पाए जाते हैं, तो इन्हें लंबी अवधि के निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।

फीफा ने एक बयान में कहा, "फीफा अनुशासनात्मक संहिता के अनुसार, प्रतिवादियों को अब अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है, जिसके बाद फीफा अनुशासनात्मक समिति द्वारा उचित समय में फैसला सुनाया जायेगा।"अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर जीत के बाद "लास माल्विनास सोन अर्जेंटिनास" लिखा हुआ एक बैनर पकड़ा और उसे मैदान पर छोड़ दिया। एएफए नस्लीय दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच कर रहा है।

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