फगवाड़ा , मई 02 -- पंजाब के फिल्लौर क्षेत्र के चक देस राज गांव में घरेलू विवाद के बाद बाइबल के पृष्ठ फाड़ने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
घटना के बाद इलाके के कुछ वर्गों में तनाव का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
उप पुलिस अधीक्षक भारत मसीह ने शनिवार को बताया कि आरोपी की पहचान सुरजीत राम के रूप में हुई है। आरोप है कि शुक्रवार दोपहर उसकी पत्नी मोनिका घर में बाइबल पढ़ रही थी, तभी आरोपी ने इसका विरोध किया और कहा कि वह इस पवित्र ग्रंथ की शिक्षाओं को नहीं मानता। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। शिकायत के मुताबिक विवाद के दौरान आरोपी ने बाइबल के पृष्ठ फाड़ दिये और पत्नी की धार्मिक आस्था को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
उप अधीक्षक ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पेशे से पेंटर है और कथित रूप से नशे की हालत में था। उसी दौरान उसका पत्नी से झगड़ा हुआ। उन्होंने बताया कि गांव में हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिनघटना के बाद कुछ लोगों में नाराजगी है। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप भी लगाया है। महिला ने अपने बयान में कहा कि वह पिछले चार वर्षों से चर्च जा रही है और परिवार में अकेली ईसाई धर्म का पालन करती है। उसने आरोप लगाया कि उसका पति अक्सर उसे चर्च जाने से रोकता था और धार्मिक विश्वासों को लेकर परेशान करता था। उसने यह भी कहा कि उसके तीन बच्चे भी उसके साथ चर्च जाते हैं, जिससे घर में तनाव बना रहता था।
घटना के बाद महिला ने चर्च प्रबंधन को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 के तहत मामला दर्ज किया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए कृत्यों से संबंधित है।
महिला ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले के बाद पंजाब के हाल ही में लागू बेअदबी कानून के दायरे पर भी चर्चा शुरू हो गयी है, क्योंकि बताया जा रहा है कि वर्तमान प्रावधानों में बाइबल शामिल नहीं है।
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