नयी दिल्ली , जून 29 -- सरकार ने प्रसिद्ध गीतकार एवं सीबीएफसी अध्यक्ष प्रसून जोशी की अध्यक्षता में सिनेमा के अवसरों और चुनौतियों का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए उच्चस्तरीय अध्ययन समूह का गठन किया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में सोमवार को यहां मंत्रालय की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने फिल्म निर्माण, वितरण और नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग को मजबूत बनाने के लिए तत्काल संरचनात्मक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।
आधिकारिक सूचना के अनुसार फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ये फैसले लेते हुए सरकार ने स्पष्ट कहा है कि देशभर में सिनेमा अवसंरचना के विस्तार और नये सिनेमा हॉल स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्यों के लिए मॉडल स्टेट सिनेमा रेगुलेशंस जारी किये हैं।
अध्ययन समूह भारतीय फिल्मों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और वर्चुअल प्रोडक्शन जैसी नयी तकनीकों के उपयोग, फिल्म निर्माण के लिए संस्थागत वित्त, वितरण संबंधी चुनौतियों तथा दीर्घकालिक नीति ढांचे पर सुझाव देगा। यह समूह तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगा।
मंत्रालय के अनुसार, इन दोनों फैसलों से भारतीय फिल्म उद्योग को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ देश में सिनेमा स्क्रीन की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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