मुंबई , अक्टूबर 09 -- बॉलीवुड अभिनेता संजय कपूर और उनकी पत्नी महीप कपूर ने अपनी बेटी शनाया कपूर के अभिनय की दुनिया में कदम रखने के सफर को याद करते हुए कहा कि फिल्मों और कलाकारों के बीच पली-बढ़ीं शनाया का रुझान धीरे-धीरे अभिनय की ओर बढ़ा।नेहा धूपिया और अंगद बेदी के डबल डेट शो में बातचीत के दौरान संजय और महीप ने बताया कि शनाया ने कभी अचानक अभिनय को करियर बनाने की घोषणा नहीं की, बल्कि बचपन से ही फिल्मी माहौल में रहने के कारण उनकी दिलचस्पी इस क्षेत्र में बढ़ती गई।
संजय ने कहा कि परिवार को पहले से ही पता था कि शनाया का झुकाव अभिनय की ओर है। उन्होंने बताया कि शनाया ने अपने हुनर को निखारने के लिए लगातार मेहनत की। कोविड महामारी के दौरान भी वह बेली डांसिंग की ट्रेनिंग लेने के साथ अपने उच्चारण और संवाद अदायगी पर काम करती थीं।
महीप ने शनाया के बचपन की एक घटना साझा करते हुए बताया कि फिल्म 'सांवरिया' के प्रीमियर के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनकी बेटी फिल्मी दुनिया से कितनी प्रभावित है। उस समय शनाया काफी छोटी थीं और लहंगा पहनकर उत्साह से इधर-उधर घूम रही थीं। महीप के मुताबिक, शनाया की गतिविधियों को देखकर उन्हें लगा कि उनकी बेटी को फिल्मी दुनिया का आकर्षण महसूस होने लगा है।
संजय ने बताया कि शनाया अपनी चचेरी बहन सोनम कपूर को अपना आदर्श मानती थीं। सोनम के प्रति उनका आकर्षण भी फिल्मी दुनिया में आगे बढ़ने की प्रेरणाओं में शामिल रहा।
संजय ने कहा कि शनाया ने उनके करियर के सफर को करीब से देखा है और वह जानती हैं कि अभिनय की दुनिया में सफलता के साथ उतार-चढ़ाव भी आते हैं।
इस बातचीत में संजय और महीप ने बताया कि शनाया की अभिनय में रुचि किसी एक घटना या अचानक लिए गए फैसले का परिणाम नहीं थी, बल्कि फिल्मी माहौल, परिवार के कलाकारों और बचपन से मिले अनुभवों के बीच धीरे-धीरे विकसित हुई।
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