बैतूल , जनवरी 14 -- मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रदेश सरकार और नगर निकायों ने पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ाने का दावा किया है।

इसी कड़ी में बैतूल नगर पालिका द्वारा शहरवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए फिल्टर प्लांट पर रोजाना पानी की जांच की जा रही है।

नगरपालिका का दावा है कि शहर के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन कुल 15 पानी के सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं। इन सैंपलों की जांच फिल्टर प्लांट स्थित नगर पालिका की प्रयोगशाला में की जा रही है, जहां पानी की पीएच वैल्यू, हार्डनेस, क्लोरीन की मात्रा सहित अन्य आवश्यक मानकों को परखा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी समय रहते पकड़ी जा सके।

पेयजल गुणवत्ता की निगरानी के साथ-साथ नगर पालिका ने शिकायत निवारण की व्यवस्था भी मजबूत की है। जिला मुख्यालय पर आयोजित जल सुनवाई में कोई शिकायत दर्ज नहीं होने के बाद अब नगर पालिका ने वार्ड स्तर पर शिविर लगाने का निर्णय लिया है। ये शिविर गुरुवार से शुरू होंगे, जिनमें नागरिक पेयजल से जुड़ी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।

शिविरों के लिए चार-चार सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो वार्डों में जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। शिकायतों की सुनवाई के साथ मौके पर निराकरण के प्रयास भी किए जाएंगे।

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