फिरोजाबाद , मई 09 -- शनिवार को जिला न्यायालय फिरोजाबाद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख 64 हजार 782 वादों का रिकॉर्ड निस्तारण किया गया और विभिन्न मामलों में अर्थदंड एवं समझौता राशि के रूप में 11 करोड़ 72 लाख 76 हजार 359 रुपये की वसूली की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को आमजन के अधिक निकट लाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए वादों का निस्तारण आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर सरल, त्वरित और सौहार्दपूर्ण तरीके से किया जाता है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालतों की विशेषता यह है कि यहां विवादों के समाधान में केवल विधिक प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संवाद, विश्वास और समझ को भी महत्व दिया जाता है, जिससे विवादों का स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान संभव हो पाता है। न्यायपालिका का उद्देश्य केवल वादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव और आपसी समरसता बनाए रखना भी है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री योगेश शिवा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य वादों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ एवं निःशुल्क निस्तारण करना है, जिससे पक्षकारों को लंबी और जटिल न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, विद्युत एवं जल बिल संबंधी मामलों सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सभी न्यायिक अधिकारी एवं बार संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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