फिरोजाबाद , मई 23 -- जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के हस्तक्षेप से चूड़ी उद्योग से जुड़े टैंक फर्नेस कारखानेदारों, स्टॉकिस्टों और चूड़ी गोदाम मालिकों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद शनिवार को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझ गया। प्रशासन की मौजूदगी में हुई बैठक में सफेद चूड़ी के दाम नहीं बढ़ाने तथा उद्योग को सुचारु रूप से संचालित करने पर सहमति बनी। सिटी मजिस्ट्रेट एवं सहायक श्रमायुक्त की उपस्थिति में आयोजित बैठक में दोनों पक्षों के बीच विस्तृत वार्ता हुई। स्टॉकिस्टों ने बताया कि वर्तमान में गुणवत्ता के आधार पर सफेद चूड़ी की बिक्री 150 से 200 रुपये प्रति तोड़ा की दर से की जा रही है।

जिलाधिकारी के निर्देशों का सम्मान करते हुए स्टॉकिस्ट राजकुमार सहित सभी स्टॉकिस्टों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि भविष्य में सफेद चूड़ी की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। टैंक कारखानेदार विनीत मित्तल ने आश्वासन दिया कि चूड़ी उद्योग की निरंतरता बनाए रखने के लिए कारखाने लगातार संचालित किए जाएंगे। साथ ही दुकानदारों से लिखित आश्वासन भी लिया जाएगा कि वे काम बंद नहीं करेंगे, जिससे स्थानीय श्रमिकों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

बैठक में भविष्य में मूल्य नियंत्रण एवं विवाद निस्तारण के लिए नौ सदस्यीय संयुक्त समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया। समिति में तीन गोदाम स्वामी, तीन टैंक कारखाना मालिक और तीन स्टॉकिस्ट प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति प्रशासन के समन्वय से ही प्रति तोड़ा चूड़ी मूल्य से संबंधित निर्णय ले सकेगी।

जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया। बैठक में उपस्थित सभी कारखानेदारों, स्टॉकिस्टों और गोदाम मालिकों ने प्रशासन की मौजूदगी में समझौते के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई।

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