फिरोजाबाद , जुलाई 05 -- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में जमीन की पैमाइश रोवर डिजिटल सेटेलाइट आधुनिक पद्धति के आधार पर की जाएगी।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की पहल पर भूमि पैमाइश संबंधी विवादों का शीघ्र समाधान करने के एक नई आधुनिक तकनीकी रोवर की शुरुआत की गई है जो डिजिटल सेटेलाइट सिस्टम पर आधारित है जिसके माध्यम से किसी भी भूमि की पैमाइश का सेंटीमीटर तक निर्धारण किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने नई डिजिटल सेटेलाइट रोवर पद्धति के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि नई आधुनिक पद्धति उपग्रह पर आधारित है इसलिए इसके द्वारा जो भी भूमि की स्थिति एवं सीमाओं की पैमाइश सेंटीमीटर स्तर तक सटीक रूप से की जाती है। यह तकनीकी रूप से अन्य पद्धतियों की तुलना में विश्वसनीय एवं पारदर्शी है और राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को राहत पहुंचाने वाली होगी। क्योंकि अब कोई भी भूमि की पैमाइश फीता आदि के द्वारा नहीं होगी इस नई रोवर मापन पद्धति से भूमि संबंधी जो भी नए व पुराने विवाद चल रहे हैं उनका भी शीघ्र निस्तारण हो सकेगा।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश फौजदारी के विवाद भूमि से संबंधित ही होते हैं। इस डिजिटलपद्धति में डिजिटल को ऑर्डिनेंटस् बदला नहीं जा सकता है । लोगों का राजस्व विभाग पर भरोसा बढ़ेगा और समय की भी बचत होगी। जिलाधिकारी द्वारा नई डिजिटल सेटेलाइट प्रणाली रोवर का उपयोग ग्राम नैपई के मौजा कपावली में प्राकृतिक झील का सीमांकन करके किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस झील को इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा।
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