कोलकाता , मई 19 -- पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की घटनाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान की तारीख 21 मई को पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शनों की एक शृंखला आयोजित करने की योजना बनायी है।

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

पार्टी ने इन विरोध कार्यक्रमों की घोषणा तब की है, जब फालता विधानसभा पुनर्मतदान के लिए उसके उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी दौड़ से हटने का एलान किया है।

तृणमूल की विरोध प्रदर्शन की इन योजनाओं को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई तृणमूल विधायकों की बैठक में अंतिम रूप दिया गया।

बैठक से बाहर आने के बाद श्री घोष ने कहा कि पार्टी तीन स्थानों बालीगंज, सियालदह और हावड़ा पर प्रदर्शन आयोजित करेगी। यह प्रदर्शन चार मई को आये चुनाव परिणामों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर किये गये हमलों और डराने-धमकाने की घटनाओं के विरोध में किया जायेगा।

विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की यह घोषणा श्री खान के चुनावी दौड़ से बाहर होने के एलान के कुछ ही घंटों बाद आयी है।

श्री खान ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के फाल्टा के लिए विशेष विकास पैकेज की घोषणा किये जाने के बाद वह चुनावी दौड़ से पीछे हट रहे हैं।

तृणमूल नेतृत्व का हालांकि कहना है कि खान का नाम वापस लेना पूरी तरह से उनका व्यक्तिगत निर्णय है और इस पर पार्टी से कोई चर्चा नहीं हुई है।

श्री घोष ने कहा, "यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पार्टी से चर्चा किए बिना अपने फैसले की घोषणा की।"इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि फाल्टा में तृणमूल के पोलिंग एजेंटों को धमकियां मिल रही थीं और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा था।

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