भीलवाड़ा , मई 13 -- राजस्थान में भीलवाड़ा जिला पुलिस और जिला विशेष दल (डीएसटी) ने साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करके दो बंधक युवकों को मुक्त कराया है।
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया पुलिस ने ग्राम कोदुकोटा सरहद पर स्थित 'भंवर फार्म हाउस' पर अचानक छापा मारकर, वहाँ नरक जैसी जिंदगी जी रहे दो बंधक युवकों को सुरक्षित बचाकर चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मासूम बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर बुलाते थे और फिर उन्हें फार्म हाउस में बंधक बना लेते थे। छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो पीड़ित युवकों निखिल और विशाल ने रोते हुए पुलिस को बताया कि उन्हें यहाँ जबरन कैद करके रखा गया था। उन पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाती थी और जबरन कंप्यूटर एवं मोबाइल पर लोगों को ऑनलाइन सट्टे और गेमिंग के जाल में फंसाकर ठगी करने का दबाव बनाया जाता था। बात न मानने या इन्कार करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी।
पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सटीक सूचना मिलते ही पुलिस दल तलाशी वारंट लेकर भंवर फार्म हाउस पहुंचा। फार्म हाउस के मुख्य भवन के बाहर लोहे का मजबूत जालीनुमा दरवाजा बाहर से बंद था, ताकि अंदर की चीखें बाहर न आ सकें। पुलिस ने जब दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया, तो एक कमरे में कई युवक मोबाइल और लैपटॉप का जाल बिछाकर बैठे हुए थे। उनके फोन में ऑनलाइन सट्टेबाजी के विज्ञापन, संदिग्ध बैंक अकाउंट, फोटो और वीडियो खुले हुए थे।
पुलिस ने मौके से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया है। इनमें एक लैपटॉप, 15 एंड्रॉइड स्मार्टफोन, दो कीपैड मोबाइल, कई सिम कार्ड, बैंक खाता पासबुक और क्रेडिट कार्ड, चार्जर और हाई-स्पीड वाईफाई राउटर शामिल है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित