नयी दिल्ली , जुलाई 28 -- फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में अभी छह भारतीय जहाजों तथा कुछ विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कुल 166 भारतीय नाविक सवार है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग में इस बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा , "हमारे छह भारतीय पोत हैं जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में, अर्थात् फ़ारस की खाड़ी में हैं। इन भारतीय जहाज़ों पर 125 नाविक सवार हैं। इसके अतिरिक्त, उस क्षेत्र में मौजूद विदेशी जहाज़ों पर 41 भारतीय नाविक सवार हैं।"उन्होंने कहा, "पोत परिवहन मंत्रालय भी हमारे जहाजों और हमारे नाविकों पर निगरानी रख रहा है ताकि हम उनकी कुशलता और कल्याण सुनिश्चित कर सकें।"प्रवक्ता ने कहा, "क्षेत्र में स्थित हमारे मिशन पोत परिवहन मंत्रालय के संपर्क में हैं ताकि यह देखा जा सके कि उन्हें किसी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है या नहीं तथा आवश्यक होने पर किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान की जा सके।"विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक परामर्श जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से आग्रह किया कि वे संघर्ष-प्रभावित काला सागर क्षेत्र में परिचालन करने वाले या वहां से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर रोजगार स्वीकार करने से पहले सुरक्षा जोखिमों का सावधानीपूर्वक आकलन करें। मंत्रालय ने कहा कि इस वर्ष अप्रैल से मिसाइल और ड्रोन हमलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिनमें पाँच भारतीय नाविकों की मृत्यु हो चुकी है।

यह परामर्श काला सागर तथा उसके आसपास जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में जारी किया गया है, जहां वाणिज्यिक नौवहन पर हमले लगातार बढ़े हैं, जिससे व्यापारी जहाजों और उनके चालक दल के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न हो गया है।

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