बैतूल , जून 25 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के भयावाड़ी गांव में खेत की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से छोड़े गए बिजली के करंट की चपेट में आने से दो युवकों की मृत्यु हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतकों की पहचान भयावाड़ी निवासी विनोद उइके (27) और रोहित धुर्वे (25) के रूप में हुई है। दोनों युवक बुधवार रात गांव की दुकान से सामान लेकर अपने घर लौट रहे थे।

बताया गया है कि खेतों के बीच बने रास्ते से गुजरने के दौरान वे उस तार की चपेट में आ गए, जिसमें मक्का की फसल को जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाने के लिए अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित किया गया था। अंधेरे के कारण दोनों को तार दिखाई नहीं दिया और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

घटना की जानकारी गुरुवार सुबह उस समय लगी जब ग्रामीणों और परिजनों ने दोनों युवकों को खेत के समीप मृत अवस्था में देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में खेत की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़े जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने संबंधित खेत मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि खेतों की सुरक्षा के लिए खुले में बिजली का करंट छोड़ना कानूनन अपराध है और इससे लोगों के जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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