पटना , अगस्त 19 -- ेहतर शिक्षा बेहतर स्वास्थ्य के साथ किसानों को समृद्ध बनाने के लिए बिहार सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है, जिसमें अब खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।सरकार द्वारा किसानों को एक एकड़ के लिए 10 लीटर डीजल की आवश्यकता के संदर्भ में शारदीय (खरीफ) फसलों की डीजल पंपसेट से सिंचाई के लिए क्रय किये गये डीजल पर प्रति एकड़ प्रति सिंचाई 750 रूपये की दर से अनुदान दिया जायेगा। धान का बिचड़ा व जूट फसल की अधिकतम दो सिंचाई के लिए 1500 रूपये प्रति एकड़ दिया जायेगा।
खरी फसल में धान, मक्का अन्य शारदीय (खरीफ फसलों के अन्तर्गत दलहनी, तेलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय व सुगन्धित पौधे की अधिकतम 3 सिंचाई के लिए 2250 रूपये प्रति एकड़ दिया जायेगा।
प्रति किसान को अधिकतम 08 एकड़ के लिए डीजल अनुदान तय किया गया है। यह लाभ परिवार के एक ही सदस्य को दिया जायेगा। जिसके लिए 17 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया चालू कर दी गयी है। डीजल अनुदान से खड़ी फसलों की सिंचाई का लाभ सभी श्रेणी के कृषकों (रैयत/गैर रैयत) को देय है।
रैयत किसानों को आवेदन करते समय लगान रसीद अपलोड करना अनिवार्य है। वैसे किसान, जो दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं (गैर-रैयत), उन्हें प्रमाणित-सत्यापित करने के लिए सम्बन्धित वार्ड सदस्य/ वार्ड पार्षद/ मुखिया /सरपंच/ पंचायत समिति में से किसी एक सदस्य व कृषि समन्वयक के द्वारा पहचान की जायेगी।
वहीं किसानों को मिलने वाले अनुदान के लिए जियो टैगिंग फोटो खींचकर अपलोड किया जायेगा। केवल वैसे ही किसान, इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं,जो वास्तव में डीजल का उपयोग कर सिंचाई कर रहे हैं। डीजल का क्रय कर वास्तव में सिंचाई के लिए उपयोग किया गया है। इसके लिए संबंधित कृषि समन्वयक द्वारा जांच भी किया जायेगा। अधिकृत पेट्रोल पंप से डीजल क्रय के उपरान्त डिजिटल पावती रसीद (डिजिटल वाउचर) जिसमें किसान का 13 अंक का पंजीकरण संख्या का अंतिम दस अंक अंकित हो, मान्य होगा।
वहीं कृषि विभाग द्वारा डीजल पावती पर किसानों को अंगूठे का निशान देना अनिवार्य कर दिया गया है। जिससे सत्यापन के समय डीजल क्रय का मूल अभिश्रव कृषि समन्वयक को देना भी जरूरी होगा। राज्य के बाहर अवस्थित पेट्रोल पंप से क्रय किये गये डीजल पर अनुदान देय नहीं होगा। इसके लिए किसान एक समय में एक हीं पटवन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस योजना के लाभ के लिए किसानों को 30.10.2026 तक सिंचाई के लिए क्रय किये गये डीजल के लिए ही यह मान्य होगा।
डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहन देने के लिए कृषि विभाग द्वारा ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही इसका लाभ मिलेगा। कृषि विभाग की तरफ से छोटे-मोटे त्रुटियों के कारण आवेदन अस्वीकृत होने पर किसान पुनः आवेदन कर सकते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित