चंडीगढ़ , जुलाई 29 -- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए ट्यूबवेल के पानी की नियमित जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के पानी की गुणवत्ता का फसलों की वृद्धि और पैदावार पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उनका संदेश है, "करवाओगे पानी की जांच नहीं आएगी फसल उत्पादन पर आंच।"उन्होंने बताया कि खारे और अधिक क्षारीय पानी के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, जिससे कृषि उत्पादन घट सकता है। समय पर जल परीक्षण कराने से किसानों को उपयुक्त फसल चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने में मदद मिलती है।

कृषि मंत्री ने बताया कि पानी का नमूना लेने से पहले ट्यूबवेल को कम से कम 30 मिनट तक लगातार चलाना चाहिए। इसके बाद लगभग 500 मिलीलीटर से एक लीटर पानी साफ प्लास्टिक की बोतल में भरकर उस पर किसान का नाम, एमएफएमबी आईडी, गांव का नाम, किला/खसरा नंबर, मोबाइल नंबर और बोरवेल की गहराई स्पष्ट रूप से लिखकर निकटतम मृदा स्वास्थ्य परीक्षण प्रयोगशाला में जमा कराएं।

उन्होंने किसानों से फसल चयन और सिंचाई प्रबंधन की योजना जल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर बनाने की अपील की। अधिक जानकारी के लिए किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने जिले के कृषि उप निदेशक से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

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