फर्रुखाबाद , जून 24 -- उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज और शमशाबाद क्षेत्र में तंबाकू कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों, गोदामों और आवासों पर बुधवार तड़के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) की टीमों ने एक साथ छापेमारी की।

सूत्रों के अनुसार एक दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ पहुंची डीजीजीआई की अलग-अलग टीमों ने तीन प्रमुख तंबाकू कारोबारियों, दो मुनीमों तथा एक गोदाम पर एक साथ जांच शुरू की। अधिकारियों की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के व्यापारी दिनभर घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे।

बताया गया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे विभिन्न स्थानों पर पहुंची टीमों ने जांच शुरू करते ही संबंधित परिसरों के मुख्य द्वार बंद करा दिए और सुरक्षा कारणों से बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी। साथ ही परिसर के अंदर मौजूद लोगों को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद स्टॉक, खरीद-बिक्री के अभिलेख, कर संबंधी दस्तावेजों तथा अन्य कारोबारी रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की गई।

डीजीजीआई की एक टीम शमशाबाद-फैजाबाद मार्ग स्थित 'शख छाप' तंबाकू के गोदाम पहुंची, जबकि दूसरी टीम ने फर्म संचालक कृष्ण गोपाल रस्तोगी के मोहल्ला मूलचंद स्थित आवास पर जांच की। अधिकारियों ने गोदाम और आवास पर उपलब्ध स्टॉक तथा दस्तावेजों का मिलान किया।

इसी क्रम में अन्य टीमों ने कृष्ण गोपाल रस्तोगी के मुनीम अखिलेश मिश्रा और संजू शाक्य के आवासों पर पहुंचकर अभिलेखों की जांच की। वहीं मोहल्ला पाठक निवासी तंबाकू कारोबारी अभिषेक अग्रवाल के घर पर भी छापेमारी की गई। टीम ने उनके आवास में प्रवेश कर आवश्यक दस्तावेजों और कारोबारी अभिलेखों की जांच शुरू की।

मोहल्ला लोकमान निवासी कारोबारी रचित गुप्ता के आवास पर उनकी माता मौजूद मिलीं। रचित गुप्ता और उनकी पत्नी के शहर से बाहर होने की जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने परिजन भगवानदीन गुप्ता की मौजूदगी में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के तंबाकू व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई। व्यापार मंडल के नेता मनोज कौशल, संजय गुप्ता, अमित सेठ और राजेश अग्निहोत्री भी अभिषेक अग्रवाल के आवास पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। बाद में अभिषेक अग्रवाल ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से संक्षिप्त बातचीत में बताया कि जांच सामान्य प्रक्रिया के तहत चल रही है।

दोपहर करीब डेढ़ बजे तक डीजीजीआई की सभी टीमें संबंधित परिसरों पर मौजूद रहीं और स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, कर संबंधी दस्तावेजों तथा अन्य अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण करती रहीं। देर शाम तक जांच जारी रहने की सूचना मिली। हालांकि कार्रवाई के संबंध में डीजीजीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

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