फर्रुखाबाद , अगस्त 25 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी मंगलवार को खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, जिसके चलते जिले के 67 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कादरी गेट थाना क्षेत्र के पांचाल घाट पर मंगलवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 137.15 सेंटीमीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। नरौरा स्केप से 1,22,848 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि जिले में रामगंगा नदी का खतरे का निशान 137.10 सेंटीमीटर है। मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 136.25 सेंटीमीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से नीचे है। रामगंगा में खो बैराज, हरेली बैराज और रामनगर बैराज से कुल 4,687 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

गंगा में बाढ़ के प्रभाव से शेरपुरा सराय, मजरा कुंडपुरा और तौफीक की मड़ैया गांवों में तेजी से हो रहे कटान को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

प्रवक्ता के अनुसार, बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग पर अमृतपुर तहसील क्षेत्र के चित्रकूट गांव के समीप सड़क डिवाइडर पर करीब ढाई फीट ऊंची धार से पानी बहने के कारण यातायात बंद कर दिया गया है। इसके अलावा कई अन्य मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

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