फर्रुखाबाद , सितंबर 8 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा और उसकी सहायक नदी रामगंगा के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। जिले के 111 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, जबकि रामगंगा चेतावनी बिंदु से 35 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने से पहले ही तीन सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किए जाने के समय 102 गांव बाढ़ की चपेट में थे। मंगलवार को प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 111 हो गई।

उन्होंने बताया कि कादरी गेट थाना क्षेत्र के पांचाल घाट पर मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। नरौरा बैराज से 1,05,633 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।

प्रवक्ता के अनुसार, राजेपुर थाना क्षेत्र में गंगा की सहायक रामगंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर है, जबकि मंगलवार को इसका जलस्तर 136.95 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। रामगंगा में खो, हरेली और रामनगर बैराज से कुल 16,660 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण ग्राम शेरापुरा, सराय मजरा कुंडपुरा और तौफीक की मड़ैया में कटान तेज हो गया है। कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमृतपुर तहसील क्षेत्र में बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग पर ग्राम चित्रकूट के समीप सड़क के डिवाइडर के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। इसके अलावा कई अन्य मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन में दिक्कत हो रही है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों को उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में गठित 198 चिकित्सा टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर रही हैं। अब तक 23,811 लोगों का उपचार किया गया है तथा 19,363 ओआरएस पैकेट और 29,419 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। चिकित्सकीय टीमें मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के साथ उच्च स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर भी कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि कायमगंज तहसील के समैचीपुर चितार गांव में बाढ़ में फंसे नौ परिवारों के 32 लोगों को रेस्क्यू कर शमसाबाद कृषि मंडी स्थित बाढ़ शरणालय में सुरक्षित पहुंचाया गया। इसी दौरान गांव में एक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया, जिसे जिला प्रशासन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद पहुंचाया।

प्रवक्ता के अनुसार, समैचीपुर चितार में रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद भी बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और भोजन सामग्री वितरित की जा रही है। भीषण बाढ़ के कारण इस गांव में दर्जनों मकान और झोपड़ियां गंगाजल में समा गई हैं।

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