कानपुर , मई 26 -- कानपुर पुलिस की साइबर सेल सेंट्रल जोन और नजीराबाद थाना पुलिस ने फर्जी आरबीआई अधिकारी बनकर करीब 95 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी आरबीआई पत्र, लग्जरी कार, मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर जिले के अखण्डनगर थाना क्षेत्र निवासी दीपक सिंह तथा उसकी पत्नी आंचल सिंह के रूप में हुई है। दोनों को 25 मई को जेके मंदिर के पास मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।
उन्होने बताया कि आरोपियों ने खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताकर शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव से लगभग 95 लाख रुपये की ठगी की। आरोपी दीपक सिंह अलग-अलग नामों से लोगों से संपर्क करता था और खुद को आरबीआई का मैनेजर बताता था। ठगी की रकम पहले अपने खाते में मंगवाकर बाद में पत्नी आंचल सिंह के खाते में ट्रांसफर कर देता था। इसके बाद दोनों नकद निकासी कर रुपये खर्च करते थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी और कूटरचित आरबीआई पत्र तैयार कर लोगों को विश्वास में लेते थे। पुलिस ने बताया कि बरामद महिंद्रा एक्सयूपी कार, आईफोन-15, वीवो मोबाइल, एचपी लैपटॉप और अन्य सामान भी ठगी के पैसों से खरीदे गए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी पत्नी को जीएनएम कोर्स भी इसी रकम से करा रहा था।
साइबर सेल की जांच में पता चला कि पीड़ित ने अपनी बीमा पॉलिसी के रिफंड संबंधी जानकारी के लिए गूगल पर सर्च किया था। इसी दौरान उसे एक जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर मिला। आरोपियों ने आरबीआई का फर्जी नोटिस भेजकर उसे झांसे में लिया और लाखों रुपये ठग लिए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नजीराबाद थाने में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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