रायपुर , अगस्त 17 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक्सिस बैंक की देवेंद्र नगर शाखा के एक ग्राहक के खाते में दर्ज मोबाइल नंबर कथित रूप से फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए बदलकर सावधि जमा (एफडी) तोड़ने और करीब 14.97 लाख रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर निकालने का मामला सामने आया है।
बैंक की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को एक्सिस बैंक के शाखा प्रमुख रितेन्द्र रामटेके की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार देवेंद्र नगर शाखा में पदस्थ उप प्रबंधक कुलदीप सिंह पर खाताधारक सुषमा कुमार के खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को बदलने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि 17 जुलाई 2026 को कथित फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के माध्यम से खाते में नया मोबाइल नंबर दर्ज किया गया। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने नए नंबर का उपयोग करते हुए एक्सिस बैंक के मोबाइल एप तक पहुंच बनाई।
बैंक की शिकायत के मुताबिक मोबाइल एप के माध्यम से सुषमा कुमार की करीब 14.40 लाख रुपए की सावधि जमा को समय से पहले बंद कर दिया गया। एफडी की राशि बचत खाते में आने के बाद खाते में पहले से उपलब्ध रकम को मिलाकर कुल 14,97,451.32 रुपए विभिन्न लेन-देन के माध्यम से इंडियन सेल्स के खाते में स्थानांतरित किए गए। शिकायत में यह खाता योगेश येडे के नाम से संचालित होने की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त 151.32 रुपए की राशि एक अन्य खाते में भेजे जाने का भी उल्लेख है।
बैंक के अनुसार इंडियन सेल्स के खाते में राशि पहुंचने के बाद अलग-अलग लेन-देन के जरिए रकम निकाली गई। इसमें चेक के साथ एटीएम से नकद आहरण भी शामिल है।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब गत सात अगस्त को खाताधारक सुषमा कुमार एक्सिस बैंक की जगमल चौक शाखा पहुंचीं। उन्होंने बैंक को बताया कि उनके खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर उनकी जानकारी और सहमति के बिना बदल दिया गया है तथा उनकी सावधि जमा भी समय से पहले बंद कर उसकी राशि निकाल ली गई है। इसके बाद बैंक स्तर पर की गई जांच में खाते से कुल 14,97,451.32 रुपये की संदिग्ध निकासी और ट्रांसफर की जानकारी सामने आई।
शिकायत में बैंक ने दावा किया है कि उप प्रबंधक कुलदीप सिंह ने अपनी चूक स्वीकार करते हुए घटना के संबंध में लिखित बयान दिया है। उसने यह भी बताया कि उसके परिचित नरेश साहू के माध्यम से 10 अगस्त को पीड़ित के खाते में एक लाख रुपए जमा कराए गए।
बैंक ने पुलिस को जांच के लिए संबंधित ग्राहक अनुरोध फॉर्म, दोनों खातों के स्टेटमेंट, चेक की प्रतियां और कर्मचारी के कथित स्वीकारोक्ति पत्र समेत अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं।
पुलिस ने बैंक की लिखित शिकायत पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। शिकायत में बैंक कर्मचारी कुलदीप सिंह और इंडियन सेल्स के प्रोपराइटर योगेश येडे के विरुद्ध धोखाधड़ी, छल, प्रतिरूपण और आपराधिक न्यास भंग सहित अन्य संबंधित अपराधों की जांच और कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
पुलिस अब कथित फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म तैयार किए जाने से लेकर मोबाइल नंबर बदलने, मोबाइल एप के जरिए एफडी तोड़ने, राशि दूसरे खाते में भेजने तथा चेक और एटीएम से रकम निकालने तक पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। बैंक के डिजिटल रिकॉर्ड, संबंधित खातों के लेन-देन और मामले में आरोपित व्यक्तियों की भूमिका की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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