बैतूल , अगस्त 21 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला में करीब आठ वर्षों से बौद्ध भिक्षु के रूप में रह रहे एक व्यक्ति को भोपाल एसटीएफ ने संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक होने के आरोप में हिरासत में लिया है। एसटीएफ को उसके पास से कथित फर्जी पासपोर्ट समेत करीब 12 संदिग्ध दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। दस्तावेजों में विसंगतियां मिलने के बाद एजेंसी ने उसकी पहचान और भारत में रहने की वैधता को लेकर जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में संदिग्ध का वास्तविक नाम रियल चौधरी बताए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि वह वर्ष 2018 से आमला में बौद्ध भिक्षु के रूप में रह रहा था। दस्तावेजों की जांच के दौरान उसकी पहचान को लेकर संदेह गहराने के बाद भोपाल से एसटीएफ की टीम आमला पहुंची और उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।

जांच के दौरान एजेंसी को उसके असम, ग्वालियर सहित अन्य स्थानों पर रहने की जानकारी मिलने की बात कही जा रही है। आशंका है कि उसने अलग-अलग स्थानों पर अलग पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया हो। एसटीएफ उसके पास मिले दस्तावेजों के स्रोत, उनकी सत्यता और इन्हें तैयार कराने में मदद करने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है।

एसटीएफ यह भी पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध भारत में कब और किस रास्ते से आया था। इसके साथ ही आमला पहुंचने से पहले और बाद में उसने किन-किन स्थानों पर किस पहचान के साथ निवास किया, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। करीब आठ वर्षों तक आमला में रहने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि संदिग्ध की वास्तविक नागरिकता, पहचान और उसके पास मिले दस्तावेज फर्जी हैं या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बोडखी चौकी प्रभारी नितिन उईके ने बताया कि भोपाल एसटीएफ की टीम आमला आई थी और यहां रहने वाले बौद्ध भिक्षु को पूछताछ के लिए लेकर गई है। इस मामले में विस्तृत जानकारी एसटीएफ ही दे पाएगी।

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