उज्जैन , मई 30 -- मध्यप्रदेश में उज्जैन के नानाखेड़ा पुलिस थाना एवं अपराध शाखा ने संयुक्त कार्रवाई कर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने के मामले में दस हजार के इनामी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि फर्जी आधार कार्ड तैयार कर धोखाधड़ी में सहयोग करने वाला आरोपी लंबे समय से फरार था अपराध शाख पुलिस टीम और नानाखेड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका।

पुलिस ने बताया कि 18 अक्टूबर 2025 को मोहन नागर द्वारा थाना नानाखेड़ा पर शिकायत दर्ज कराई और बताया कि उनकी बहन सत्यभामा नागर के स्वामित्व वाले प्लॉट क्रमांक ए-28/16, एम.आई.जी. वेदनगर को हड़पने के उद्देश्य से आरोपी कैलाश गोगदे ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से रजिस्टर्ड पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित करवाई गई।

प्रकरण की जांच के दौरान उप पंजीयक कार्यालय से प्राप्त दस्तावेज, आधार कार्ड विवरण एवं अंगूठा चिन्ह परीक्षण रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि पावर ऑफ अटॉर्नी में प्रयुक्त आधार नंबर एवं अंगूठा निशान सत्यभामा नागर के नहीं थे। जांच में पाया गया कि आरोपी द्वारा किसी अन्य महिला को सत्यभामा नागर के रूप में प्रस्तुत कर धोखाधड़ी से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए तथा उक्त संपत्ति पर अवैध अधिकार प्राप्त करने का प्रयास किया गया।

पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना एवं फर्जी दस्तावेजों के उपयोग संबंधी धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उक्त प्रकरण में मुख्य आरोपी कैलाश गोगदे को पुलिस द्वारा पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका था। इसके अलावा आरोपी इमरान अल्लक द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनवाने में मुख्य आरोपी का सहयोग किया गया था। दस हजार के इनामी आरोपी ने दिल्ली जाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाने में सक्रिय भूमिका निभाई गई थी।

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