बैतूल , अप्रैल 15 -- मध्यप्रदेश में फर्जी नंबर प्लेट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भोपाल में खड़ी मोटरसाइकिल का चालान बैतूल में कट जाने से पुलिस व्यवस्था और जांच प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल के करोंद क्षेत्र निवासी अजय सक्सेना, जो डाक विभाग में पोस्टमैन हैं, को 10 अप्रैल को दोपहर लगभग 12:11 बजे मोबाइल पर चालान का संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में बताया गया कि उनकी मोटरसाइकिल का बैतूल में बिना हेलमेट चलाने पर चालान किया गया है। इससे वे हैरान रह गए, क्योंकि उस समय वे स्वयं और उनकी मोटरसाइकिल दोनों भोपाल में ही मौजूद थे।
जांच में सामने आया कि बैतूल में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसी नंबर की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दूसरी मोटरसाइकिल चलाई जा रही थी। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने पर चालान किया, जिसे मौके पर पीओएस मशीन के माध्यम से जमा भी कर लिया गया। चालान जमा होते ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश वास्तविक वाहन मालिक को प्राप्त हो गया।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग करने वाला वाहन चोरी का हो सकता है या किसी अन्य अवैध गतिविधि में इस्तेमाल किया जा रहा हो। ऐसे मामलों में वास्तविक वाहन मालिक के लिए कानूनी जोखिम भी बढ़ जाता है।
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। यदि चेकिंग के दौरान दस्तावेजों की सख्ती से जांच की जाती, तो यह फर्जीवाड़ा मौके पर ही पकड़ा जा सकता था। केवल चालान वसूली कर वाहन चालक को छोड़ देना बड़ी चूक मानी जा रही है।
घटना के बाद अजय सक्सेना ने भोपाल के निशातपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन क्षेत्राधिकार का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया गया। इसके बाद उन्होंने बैतूल पहुंचकर ट्रैफिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब संदिग्ध वाहन और चालक की तलाश में जुटी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में ई-चालान प्रणाली में समन्वय और दस्तावेजों की सख्त जांच आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
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