श्रीगंगानगर , अक्टूबर 29 -- राजस्थान में सूरतगढ़ में स्थित स्वर्गीय गुरुशरण छाबड़ा सरकारी कॉलेज में एक महिला द्वारा फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर हिंदी सहायक आचार्य के पद की नौकरी प्राप्त करने का मामला उजागर हुआ है।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत सिंह की शिकायत पर सूरतगढ़ सिटी पुलिस ने चंद्रकला नामक महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि चंद्रकला पर आरोप लगाया गया है कि उसने निर्धारित पात्रता के विपरीत दिव्यांग श्रेणी के तहत नियुक्ति हासिल की है।
कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा जारी किए गए पत्र के आधार पर चंद्रकला की अल्प दृष्टि संबंधी दिव्यांगता की जांच की गई, जिसमें 30 प्रतिशत दिव्यांगता पाई गई। प्राथमिकी में बताया गया है कि यह प्रतिशत दिव्यांग श्रेणी के लिए निर्धारित न्यूनतम पात्रता से कम है। इसी आधार पर उसकी नियुक्ति की वैधता पर सवाल उठाया गया है।
पुलिस को दी गई शिकायत में प्रिंसिपल ने कॉलेज शिक्षा आयुक्त के 25 सितंबर को जारी किए गए आदेश का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, जिसके मुताबिक चंद्रकला की सरकारी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद अतिरिक्त आयुक्त ने 27 अक्टूबर को कॉलेज प्रिंसिपल को चंद्रकला के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। बुधवार को शाम मामला दर्ज होने पर जांच पुलिस उप निरीक्षक विजेंद्र शर्मा को दी गई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित