चंडीगढ़ , अगस्त 31 -- पंजाब में नाभा विधानसभा क्षेत्र के गांव ककराला में चोरी के एक कथित झूठे मामले में दो दलित युवकों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट, कपड़े उतारने और बिजली के झटके देने के आरोप सामने आये हैं हैं।

पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने सोमवार को गांव का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाने का भरोसा दिया। पीड़ित युवकों संदीप सिंह और रजंत सिंह राजी ने श्री कैंथ को बताया कि वे राजमिस्त्री का काम करते हैं और गांव में बघेल सिंह के घर पर काम कर रहे थे। रात के समय घर में चोरी होने के बाद उन्हें चोरी का आरोपी बनाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवकों ने आरोप लगाया कि छिंटनवाला पुलिस चौकी के प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मचारियों ने उनकी बात सुने बिना उनके साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की, कपड़े उतार दिए और बिजली के झटके दिए। आरोप है कि मारपीट और कथित प्रताड़ना के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

श्री कैंथ ने कहा कि पंजाब में कानून का राज होना चाहिए, पुलिस का राज नहीं। यदि जांच में युवकों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाये जाते हैं तो यह केवल दो युवकों से कथित दुर्व्यवहार का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने पंजाब सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने पीड़ित युवकों का मेडिकल परीक्षण कराने , उनके बयान निष्पक्ष रूप से दर्ज करने और दोषी पाये जाने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग की1उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिस अधिकारी को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस हिरासत में मारपीट या प्रताड़ना के आरोपों को दबाने अथवा संबंधित पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास किया गया तो भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा इसका जोरदार विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि न्याय केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए। पीड़ितों को न्याय और दोषी पाए जाने वालों को सजा मिलना ही भाजपा की स्पष्ट मांग है।

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