आजमगढ़ , फरवरी 5 -- कम समय में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का आजमगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर सेल ने "नेक्स्ट ट्रेड" नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए देशभर में जाल फैलाने वाले दो शातिर आरोपियों को मध्य प्रदेश के उज्जैन और इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने 12 से अधिक राज्यों में करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है। चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) व नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विवेक त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी जांच के आधार पर तीन फरवरी को इन्द्रजीत डे (ईस्ट दिल्ली, वर्तमान पता उज्जैन) और अंकेश धाकड़ (शिवपुरी, वर्तमान पता इंदौर) को गिरफ्तार किया गया। अंकेश धाकड़ कोटक महिंद्रा बैंक इंदौर में कार्यरत था। इनके पास से तीन मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, दो चेकबुक, बैंक आईडी, जियो सिम और 870 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक ठगी की शुरुआत फेसबुक पर दिए गए आकर्षक ट्रेडिंग विज्ञापन से हुई। कोतवाली क्षेत्र के बदरका निवासी अशोक कुमार अग्रवाल ने विज्ञापन के झांसे में आकर 'नेक्स्ट ट्रेड' ऐप डाउनलोड किया और वर्चुअल मुनाफे के लालच में 8.99 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो तकनीकी बहाने बनाकर उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई। इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आया कि गिरोह म्यूल खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कराता था और कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी खाते खुलवाकर लेनदेन छिपाया जाता था। गोपाल भदौरिया (कोटक बैंक कर्मी), माधव, रॉकी और प्रीतम (यस बैंक कर्मी) समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर "रातों-रात पैसा दोगुना" करने वाले विज्ञापनों और अनधिकृत ऐप्स से सावधान रहें तथा किसी भी संदिग्ध लेनदेन पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
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