मुंबई , सितंबर 21 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में खाली पड़े 65,866 पदों को जल्द से जल्द से भरने के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के कारण अभ्यर्थियों में व्याप्त असंतोष को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने इन रिक्त पदों को भरनेकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों ने बताया कि इन 65,866 रिक्त पदों में से करीब 46,000 पद एमपीएससी के माध्यम से भरे जाएंगे।

सूत्रों के अनुसार, एमपीएससी द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद इन पदों के इच्छुक अभ्यर्थी पिछले कुछ दिनों से राज्य के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का संज्ञान लेने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुछ दिन पहले मंत्रालय में राज्यभर के एमपीएससी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और उनकी विभिन्न मांगों पर चर्चा की थी।

श्री फडणवीस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों की जांच कराने की घोषणा कर अभ्यर्थियों को संतुष्ट करने का प्रयास किया था। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का यह ताजा फैसला पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में भर्ती और रिक्त पदों की समीक्षा के बाद लिया गया है।

रिक्त पदों का विवरण प्रस्तुत करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया कि वर्तमान में 65,866 पद खाली हैं। इनमें से 46,464 पद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के माध्यम से भरे जाने हैं। इसके तहत महाराष्ट्र पुलिस बोर्ड द्वारा 16,896 पुलिस कांस्टेबल के रिक्त पद भरे जाने की उम्मीद है, जबकि पवित्र पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों के 2,506 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।

हालांकि 46,464 रिक्त पदों को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के माध्यम से भरे जाने की उम्मीद है, लेकिन मंत्रिमंडल को बताया गया कि विभिन्न विभागों ने एमपीएससी के माध्यम से करीब 7,000 पदों पर ही भर्ती के लिए मांग दर्ज कराई है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभिन्न विभागों में भरे जाने वाले रिक्त पदों का विवरण जुटाया जा रहा है और अब विभागों ने इसकी जानकारी उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। पूरी जानकारी एकत्रित होने के बाद प्रत्येक विभाग में रिक्त पदों की सही संख्या स्पष्ट हो जाएगी।

अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिन विभागों में सबसे अधिक रिक्त पद लंबित हैं, उनमें जलापूर्ति विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, वित्त विभाग, विधि एवं न्याय विभाग, गृह विभाग, लोक निर्माण विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा सहकारिता विभाग शामिल हैं।

श्री फडणवीस के सीधे अधीन काम करने वाले गृह विभाग ने 65 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने के लिए महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) को मांग पत्र भेजा है। इन पदों की संख्या करीब 1,400 है।जलापूर्ति विभाग में सबसे अधिक 8,652 पद रिक्त हैं, जिनमें से 67 पद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के माध्यम से भरे जा चुके हैं।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 7,868 रिक्त पदों में से 10 प्रतिशत पदों को भरने के लिए आयोग से अनुरोध किया है। यह संख्या करीब 822 पद है।

कृषि विभाग में भी करीब 6,000 पद रिक्त हैं, हालांकि इस विभाग की कार्य संरचना को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

सूत्रों के अनुसार, इसलिए कृषि विभाग ने अब तक सामान्य प्रशासन विभाग या महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) को एक भी पद पर भर्ती के लिए मांग नहीं भेजी है। राजस्व विभाग ने 4,770 रिक्त पदों में से 17 प्रतिशत पदों को भरने का अनुरोध किया है, जो करीब 852 पद हैं।

इसी तरह, वित्त विभाग ने 3,184 रिक्त पदों में से 25 प्रतिशत पदों को भरने का अनुरोध किया है। यह संख्या करीब 800 पद है। सहकारिता विभाग ने 47 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने का अनुरोध किया है। इसके तहत करीब 1,247 रिक्त पदों में से 586 पदों पर भर्ती की मांग की गई है।

सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल को जानकारी दी गई है कि विधि एवं न्याय विभाग में 2,000, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में 1,500 तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में करीब 1,500 पद रिक्त हैं, लेकिन इन विभागों ने अभी तक भर्ती के लिए कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को रिक्त पदों तथा भरे जाने वाले पदों के लिए तत्काल मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए।

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