नागपुर , जुलाई 26 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को राष्ट्रीय राजनीति में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका ध्यान महाराष्ट्र पर ही केंद्रित है।

शनिवार को दिल्ली की संक्षिप्त यात्रा और खासकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद श्री फडणवीस के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया था।

दिल्ली दौरे को लेकर पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं आज नागपुर में हूं और शाम को मुंबई जाऊंगा। मेरा काम महाराष्ट्र और मुंबई में ही है।"मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की 'तिरंगा' रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक दलों से परे है, क्योंकि यह देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।

प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष की रैली पर टिप्पणी करते हुए श्री फडणवीस ने कहा कि उन्हें इस आयोजन से कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा, "अगर उन्हें जश्न मनाने की कोई वजह मिली है, तो मुझे उनके लिए खुशी है। हम भी खुश हैं, क्योंकि नीट पेपर लीक का मुद्दा किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। यह देश के युवाओं से जुड़ा मामला है।"मुख्यमंत्री ने रैली में दिये गये भाषण को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा कि उनके ऐसे बयानों का बीते एक दशक में जनता पर कोई असर नहीं पड़ा है।

श्री फडणवीस ने कहा, "श्री ठाकरे पिछले 10 वर्षों से ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है। पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ खड़ा है। मोदी जी के रात एक बजे इंस्टाग्राम पर साझा किये गये एक अकेले वीडियो ने इंस्टाग्राम के वैश्विक रिकॉर्ड तोड़ दिये, जो उनके प्रति अपार जनसमर्थन को दर्शाता है।"प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी ने अत्यधिक संवेदनशीलता दिखाई और राष्ट्रहित में फैसला लिया।

श्री फडणवीस ने बताया कि केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ देश के सबसे सख्त कानूनों में शामिल होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित