मुंबई , मार्च 02 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ विचारक एवं पूर्व सांसद डॉ. जनार्दन वाघमारे के निधन पर गहरा दुख जताया है।

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा , " डॉ. वाघमारे विद्वता, सिद्धांतवादी सोच और लोगों को ध्यान में रखकर काम करने वाले नेतृत्व का एक अनोखा संगम थे। उनकी अंग्रेजी भाषा और साहित्य के साथ-साथ अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान पर उनकी गहरी पकड़ थी। उन्होंने शिक्षण और शैक्षिक प्रशासन में अपने काम के ज़रिए शिक्षा क्षेत्र पर एक अहम छाप छोड़ी।"डॉ. वाघमारे ने स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के कुलपति के तौर पर भी अच्छे से काम किया। खास बात यह है कि वे लातूर के पहले सीधे चुने गए मेयर बने, जहाँ उन्होंने "लातूर विज़न" विकास ब्लूप्रिंट पेश किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहरी सफ़ाई, पानी की आपूर्ति नागरिक सुविधाओं में बड़े काम किए, जिससे लातूर को उस समय के संत गाडगे बाबा शहरी सफ़ाई अभियान में पहला इनाम मिला।

डाॅ वाघमारे ने राज्यसभा के सदस्य के तौर पर कई संसदीय समितियों के काम में योगदान दिया। उन्होंने लातूर में किलारी अर्थक्वेक रिसर्च सेंटर और नांदेड़-किनवट में ट्राइबल रिसर्च एंड स्टडी सेंटर बनाने में भी पहल की। उन्हें संयुक्त राष्ट्र के एक सत्र में प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। उन्होंने अलग-अलग विषयों पर कई रचनाएँ लिखीं।

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