मुंबई , अगस्त 27 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भीषण बाढ़ में फंसे राज्य के पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।

श्री फडणवीस ने मुंबई में गुरूवार को एक संवाददाता सम्मेलन में प्रतियोगी परीक्षा सुधारों, परीक्षा लीक से जुड़े राजनीतिक विवादों, किसान-सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलनों और परिवहन चालकों के लिए स्थानीय भाषा के अनिवार्य नियमों जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की।

श्री फडणवीस ने कहा कि आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। महाराष्ट्र के पहचाने गये लगभग 80 पर्यटकों में से अब तक चार से संपर्क स्थापित हो चुका है। केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है और महाराष्ट्र प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

हाल ही में एमपीएससी परीक्षा के रद्द होने पर श्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि कोई "बड़े पैमाने पर पेपर लीक" नहीं हुआ था। पेपर केवल एक व्यक्ति तक सीमित था। फिर भी सौ प्रतिशत पारदर्शिता बनाये रखने के लिए परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करना एक सही और महत्वपूर्ण कदम था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा ढांचे में सुधार के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। उन्होंने राजनीतिक हस्तियों के साथ आरोपियों की तस्वीरें वायरल होने की बात को कुछ लोगों का राजनीति करने का प्रयास बताया और कहा कि दोषी चाहे किसी भी राजनीतिक विचारधारा वाला हो, उसके खिलाफ सख्त और बिना किसी समझौते के कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

मनोज जरांगे पाटिल के आगामी 29 अगस्त के आंदोलन से जुड़े सवाल के जवाब में श्री फडणवीस ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि निरंतर संपर्क में हैं। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने मराठा समुदाय के लिए अभूतपूर्व कल्याणकारी कदम उठाये हैं। यदि आवश्यक हुआ तो आगे के कदम उठाने के लिए भी तैयार हैं।

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