मुंबई , जुलाई 10 -- वर्ष की शुरुआत में महाराष्ट्र केे उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान हादसे में हुई मौत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा को भरोसा दिलाया कि अगर यह किसी साजिश या गड़बड़ी का नतीजा है, तो वे सच बाहर निकालकर यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को सजा मिले।
राज्य की विधायी कार्यवाही के आखिरी सप्ताह के दौरान विस्तृत जवाब में श्री फडणवीस ने बारामती के पास 28 जनवरी को हुए लीयरजेट हादसे के इर्द-गिर्द चल रही तीखी राजनीतिक बहस का जवाब दिया, जिसमें इस दिग्गज नेता के साथ चार अन्य लोगों की भी मौत हो गयी थी।
राकांपा (एसपी) विधायक रोहित पवार समेत विपक्ष के नेताओं के लगातार लगाये जा रहे साजिश के आरोपों का जवाब देते हुए श्री फड़णवीस ने मामले की अब तक की जांच का पूरा ब्यौरा सदन के सामने रखा। उन्होंने पुष्टि की कि सीआईडी और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) दोनों ही इस मामले की समानांतर जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीआईडी की शुरुआती जांच में पायलट सुमित कपूर के दस्तावेजों, बैंक खातों और निवेशों की बारीकी से पड़ताल की गयी है, जिसमें कुछ भी संदेहास्पद नहीं मिला है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार केवल घरेलू विशेषज्ञों पर ही निर्भर नहीं है। उन्होंने कहा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि जांच पर कोई उंगली न उठा सके, हमने अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भी मदद ली है।"श्री फडणवीस ने स्पष्ट रूप से कहा कि एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट ही पूरी जांच की धुरी है। उन्होंने कहा, "मैंने केंद्र सरकार से इसकी समयसीमा पर चर्चा की है। हमें जनवरी 2027 तक अंतिम रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। हम पूरी पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह रिपोर्ट ही इस हादसे पर आखिरी और निर्णायक शब्द होगी।"मुख्यमंत्री के भाषण में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख देखने को मिला। श्री राज ठाकरे पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए श्री फडणवीस ने अपनी विधायी कार्यशैली पर हाल ही में हुई आलोचनाओं को खारिज कर दिया और अपने आलोचकों को 'सुपारीबाज' (पैसे लेकर आलोचना करने वाला) करार दिया।अपनी भाषा को लेकर की गयी टिप्पणियों पर कहा, "मैंने एक बार राजनीतिक अखाड़े में एक 'टोपी' उछाली थी और ऐसा लगता है कि उसकी चुभन कई लोगों को महसूस हुई है।"उन्होंने राज्य के राजनीतिक मिमिक्री कलाकार पर भी हल्का तंज कसते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि हमारे राज्य के इस मिमिक्री कलाकार ने स्टैंड-अप कॉमेडी में करियर बनाने के बजाय राजनीति को चुना। अगर उन्होंने ऐसा किया होता, तो देश में किसी भी पेशेवर कॉमेडियन का बाजार ही नहीं बचता।"सप्ताह के अंत में कानून-व्यवस्था पर लाये गये अनिवार्य प्रस्ताव का जवाब देते हुए श्री फडणवीस ने अपराध बढ़ने के विपक्ष के दावों का खंडन किया। राष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध दर में महाराष्ट्र वर्तमान में सातवें स्थान पर है, जबकि दुष्कर्म और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामले में राज्य क्रमशः 17वें और सातवें स्थान पर है।
अपने प्रशासन की नीतियों की सफलता पर उन्होंने मई 2025 से मई 2026 के बीच प्रमुख अपराधों में आयी बड़ी गिरावट का जिक्र किया। इसमें चोरी, सेंधमारी और मारपीट के मामलों में आयी कमी शामिल है।
श्री फडणवीस ने दलील दी कि दर्ज मामलों की संख्या बढ़ना जरूरी नहीं कि अपराध बढ़ने का संकेत हो, बल्कि यह एक अधिक जागरूक और सशक्त समाज की निशानी है। इसके साथ ही उन्होंने 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने के नये अनिवार्य नियम का भी जिक्र किया। उन्होंने 'ऑपरेशन मुस्कान' की सराहना की, जिसके तहत 43,000 से अधिक लापता बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया और साइबर अपराधों से जुड़े 439 करोड़ रुपये के अवैध फंड को फ्रीज करने में पुलिस के सक्रिय प्रयासों की भी तारीफ की।
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