बेंगलुरु/मुंबई , अगस्त 07 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अगली जाति जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लिए एक अलग कॉलम बनाने का वादा किया है।
श्री फडणवीस ने यह ऐलान शुक्रवार को बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय ओबीसी महाधिवेशन के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन में एक विशेष वीडियो संबोधन के जरिए किया, जिससे सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक माहौल बना।
महाधिवेशन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ-साथ देशभर के प्रमुख राष्ट्रीय नेता, बुद्धिजीवी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
श्री फडणवीस ने महाधिवेशन को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सम्मेलन में पारित प्रस्तावों का सकारात्मक रूप से समर्थन और कार्यान्वयन करेगी और आने वाली जनगणना में ओबीसी के लिए एक अलग श्रेणी को शामिल करने पर विशेष जोर दिया।
राष्ट्रीय ओबीसी महाधिवेशन ने औपचारिक रूप से 26 लंबित मांगें रखीं, जिनमें मुख्य मांगें आनुपातिक प्रतिनिधित्व देने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा तय 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा को खत्म करना, केंद्र स्तर पर ओबीसी मामलों के लिए एक अलग मंत्रालय की मांग, ओबीसी के लिए स्थानीय निकायों में राजनीतिक आरक्षण बहाल करने के लिए तत्काल संवैधानिक संशोधन (अनुच्छेद 243डी और 243टी), और 'क्रीमी लेयर' मानदंड को तुरंत खत्म करना या आय सीमा को अस्थायी रूप से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करना शामिल थीं।
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