मुंबई , मार्च 24 -- महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए स्वघोषित गॉडमैन 'कैप्टन' अशोक खरात की करतूतों की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अक्टूबर 2025 में ही मिल गई थी, लेकिन वह चुप रहे और जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की।
श्री सपकाल ने पूछा, "दिवाली के आसपास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फर्जी गॉडमैन अशोक खरात के मामले की जानकारी मिल गई थी। गृह विभाग उनके पास है। फिर सवाल यह उठता है कि छह महीने तक श्री फडणवीस क्या कर रहे थे? उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की?"बुलढाणा में मीडिया से बातचीत करते हुए श्री सपकाल ने कहा, "'कैप्टन' अशोक खरात मामले को लेकर जो चर्चाएँ शुरू हुई हैं, वे महाराष्ट्र के लिए अच्छी नहीं हैं। एसआईटी को अतिरिक्त सहयोग दिया जाना चाहिए, एक टास्क फोर्स गठित की जानी चाहिए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर मामले को जल्द से जल्द निष्कर्ष तक पहुँचाया जाना चाहिए।"महत्वपूर्ण बात यह है कि श्री सपकाल का यह बयान शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद और प्रमुख प्रवक्ता संजय राउत के आरोप लगाने के ठीक एक दिन बाद आया है। श्री राउत ने दावा किया था कि गिरफ्तार गॉडमैन अशोक खरात के साथ श्री देवेंद्र फडणवीस की एक तस्वीर सामने आई है और कुछ मौजूदा कैबिनेट मंत्रियों के भी इस गॉडमैन के पास नियमित आने-जाने की बात कही थी। श्री राउत के आरोप के तुरंत बाद श्री फडणवीस ने मीडिया से कहा था कि फोटो के आधार पर मामले पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा , "अंधविश्वास के माहौल के कारण ही इस गॉडमैन ने लोगों को ठगने का मौका मिला। यह सब जानते हैं कि अंधविश्वास को कौन बढ़ावा दे रहा है, धर्म और जाति के बीच टकराव पैदा कर रहा है तथा नफरत फैला रहा है। इसका नतीजा है कि खरात जैसे लोग सामने आ रहे हैं।"श्री सपकाल ने कहा, " श्री फडणवीस 2014 से गृह मंत्री रहे हैं और उनके कार्यकाल में ही महाराष्ट्र में यह समस्या फैली है। अभी भी मुख्यमंत्री मामले को जानबूझकर लटका रहे हैं, ताकि इसे अपने गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ दबाव के रूप में इस्तेमाल किया जा सके, जो निंदनीय है। सुश्री रूपाली चाकणकर ने इस मामले में इस्तीफा दे दिया है, लेकिन अन्य सभी संलिप्त लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए।"उन्होंने कहा, "अब तो सत्ताधारी गठबंधन के मौजूदा मंत्रियों को भी पुलिस मार रही है। सत्ताधारी गठबंधन में आपसी कलह शुरू हो गई है। मंत्री शंभूराज देसाई और मकरंद पाटिल ने दावा किया है कि पुलिस ने उन पर हमला किया। महाराष्ट्र में मंत्रियों को खुद पुलिस मार रही है, यह लोकतंत्र के सबसे निचले स्तर पर पहुँचने का बड़ा संकेत है। सतारा में जो हुआ, वह वोट चोरी के आरोपों को और मजबूत करता है।"श्री सपकाल ने कहा , "महाराष्ट्र देश का पहला राज्य था जिसने अंधविश्वास के खिलाफ कानून बनाया। डॉ. नरेंद्र दाभोलकर ने जीवन भर अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई लड़ी। हमें उनकी इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए संकल्प लेना चाहिए कि महाराष्ट्र में खरात जैसे लोग कभी न उभर सकें।
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