फगवाड़ा , जुलाई 02 -- पंजाब के फगवाड़ा में बुधवार देर रात तेज गरज-चमक और मूसलाधार बारिश के दौरान बिजली गिरने से शहर में सैकड़ों घरों में बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त हो गये।
आधी रात के बाद कुछ ही समय के अंतराल में दो बार बिजली गिरने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में तेज वोल्टेज उतार-चढ़ाव आया, जिसके कारण सैकड़ों घरों, सरकारी कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गये। इस घटना से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज गर्जना और बिजली की चमक से पूरा शहर दहल उठा। कई लोगों ने बताया कि बिजली गिरने के तुरंत बाद उनके घरों में तेज धमाके जैसी आवाजें आयीं और कई उपकरणों से चिंगारियां तथा धुआं निकलने लगा। रातभर बारिश और बार-बार बिजली बाधित होने से लोग परेशान रहे। सुबह होते ही शहर के विभिन्न इलाकों से टीवी, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, इन्वर्टर, डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप, सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई राउटर, प्रिंटर, स्टेबलाइजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने की शिकायतें सामने आने लगीं। कई घरों में एक साथ कई महंगे उपकरण जल गये।
बिजली गिरने का असर सरकारी कार्यालयों पर भी पड़ा। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय, फगवाड़ा में कंप्यूटर, इन्वर्टर और अन्य विद्युत उपकरण खराब हो गये, जिससे कार्यालय का नियमित कामकाज प्रभावित हुआ।
सीडीपीओ राजविंदर कौर ने गुरुवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बिजली गिरने से कार्यालय के कई उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिन्हें ठीक कराने या बदलने के बाद ही कामकाज पूरी तरह सामान्य हो सकेगा। शहर के कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने की सूचना मिली है, जिससे कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इस बीच, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के उप मंडल अधिकारी (एसडीओ) ज्योति प्रकाश ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से निगम का एक बिजली ट्रांसफार्मर भी जल गया। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद तकनीकी टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर तथा बिजली वितरण नेटवर्क का निरीक्षण कर आपूर्ति बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया गया। निगम अपने बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का भी आकलन कर रहा है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पीएसपीसीएल से मांग की है कि मानसून के दौरान बिजली से होने वाले वोल्टेज उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए बिजली वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाया जाये। साथ ही उपभोक्ताओं को सर्ज प्रोटेक्शन उपकरणों के उपयोग के प्रति जागरूक करने की भी मांग उठायी गयी है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गरज-चमक वाले मौसम के दौरान संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मुख्य बिजली आपूर्ति से अलग रखें तथा सर्ज प्रोटेक्शन सिस्टम का उपयोग करें, ताकि अचानक आने वाले हाई वोल्टेज से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
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