फगवाड़ा , जुलाई 23 -- पंजाब में फगवाड़ा के मॉडल टाउन स्थित श्री गीता भवन मंदिर के बाहर गुरुवार को उस समय कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया, जब कथित तौर पर नशे की हालत में एक व्यक्ति ने दो युवतियों से छेड़छाड़ की और उनके मंदिर परिसर में जाने के बाद स्वयं भी अंदर प्रवेश कर गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान आशीष बग्गा निवासी आशा पार्क, पलाही रोड, फगवाड़ा के रूप में हुई है। आरोप है कि वह अपनी सफेद मारुति स्विफ्ट कार में मंदिर के बाहर पहुंचा और वहां से गुजर रही दो युवतियों से कथित छेड़छाड़ करने लगा। युवतियां बचने के लिए मंदिर परिसर में चली गयीं, जिसके बाद आरोपी भी उनके पीछे मंदिर के अंदर पहुंच गया।

मंदिर के पुजारी नवनीत जोशी और अन्य श्रद्धालुओं ने उसके संदिग्ध व्यवहार पर उसे रोका। पूछताछ के दौरान वह कथित रूप से नशे की हालत में प्रतीत हुआ। इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर फगवाड़ा के विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने भी पुलिस को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) की टीम इंस्पेक्टर अमन कुमार दवेश्वर के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से दो पहचान पत्र बरामद किये। इनमें एक आधार कार्ड और दूसरा मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण संगठन का पहचान पत्र शामिल है, जिसमें उसे फगवाड़ा का सचिव (समाज कल्याण) दर्शाया गया है। पुलिस ने आरोपी की कार से एक पुलिस की वर्दी, तलवार, कुछ अन्य धारदार हथियार तथा वाहन पर लगा भाजपा का झंडा भी बरामद किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वयं को भाजपा कार्यकर्ता बताया, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है और घटना को किसी राजनीतिक संगठन से नहीं जोड़ा गया है। फगवाड़ा की पुलिस अधीक्षक माधवी शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मंदिर में किसी प्रकार की तोड़फोड़, धार्मिक अपमान या मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी मंदिर परिसर में तो गया था, लेकिन मुख्य गर्भगृह में प्रवेश नहीं किया और पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे सिविल अस्पताल, फगवाड़ा भेजा गया है, जहां उसका डोप टेस्ट कराया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय वह शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में था या नहीं।

बाद में गीता भवन मंदिर प्रबंधक समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता सी.आर. गौतम और पुजारी नवनीत जोशी ने सुश्री शर्मा से मुलाकात कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। सुश्री शर्मा ने लोगों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने तथा सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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