नई दिल्ली , अक्टूबर 16 -- हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक- दूसरे के व्यवहार को लेकर पत्रकारों और पुलिस के बीच आरोप- प्रत्यारोप के मद्देनजर भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध-प्रदर्शनों और धरनों की रिपोर्टिंग के संबंध में पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
परिषद ने कहा है कि पत्रकार, प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की ऐसी तैनाती, संवेदनशील गतिविधियों और सुरक्षित निकलने के रास्तों की जानकारी का सीधा प्रसारण या प्रकाशन न करें, जिससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है। साथ ही पत्रकारों को निष्पक्षता बनाए रखने, पुलिस के कानूनी निर्देशों का पालन करने और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। परिषद की बुधवार को हुई बैठक में ये दिशा-निर्देश मंजूर किए गए। इनका उद्देश्य विरोध-प्रदर्शनों की सुरक्षित, सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, पत्रकारों को अपने मीडिया संस्थान का वैध पहचान पत्र या प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) अथवा सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय का पहचान पत्र रखना चाहिए। रिपोर्टिंग के दौरान पहचान पत्र साफ दिखाई देना चाहिए। पत्रकारों को प्रदर्शन में शामिल होने, किसी पक्ष का समर्थन करने, भड़काने या प्रदर्शनकारियों और पुलिस के काम में बाधा डालने से बचना चाहिए।
परिषद ने पत्रकारों को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। भीड़ में सावधानी से चलने, आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निकलने के रास्तों की पहले से पहचान करने को कहा गया है। आंसू गैस या धुएं की स्थिति में सुरक्षित रास्तों से प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकलने की सलाह भी दी गई है।
पत्रकारों को प्राथमिक उपचार का सामान, जरूरी दवाएं, पीने का पानी, हल्का भोजन, टॉर्च और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा साथ रखने को कहा गया है। खतरे के आकलन के अनुसार सिर और शरीर की सुरक्षा के साधन भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। सुरक्षा उपकरणों के भरोसे अनावश्यक जोखिम लेने से बचने की हालांकि चेतावनी दी गई है। आंसू गैस के गोले, तेज चमक वाले उपकरणों या धुएं के बम को छूने, उठाने या हटाने की कोशिश न करने को भी कहा गया है।
परिषद ने मीडिया संस्थानों को रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों से लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी है। स्वतंत्र रूप से काम करने वाले पत्रकारों को भी अपने किसी भरोसेमंद संपादक या व्यक्ति को अपनी जगह, काम की योजना और लौटने के संभावित समय की जानकारी देनी चाहिए। पहले से तय प्रदर्शनों के लिए मीडिया संस्थानों को संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ तालमेल बनाने की सलाह दी गई है।
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